डीजल की बिक्री पर नुकसान घटकर 7.16 रुपए प्रति लीटर हुआ

नयी दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में नरमी के मद्देनजर डीजल की बिक्री पर होने वाला नुकसान एक रपये से अधिक घटकर 7.16 रपए प्रति लीटर हो गया है.एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कार्प, भारत पेट्रोलियम कार्प और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्प को मार्च […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 18, 2014 6:34 PM

नयी दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमत में नरमी के मद्देनजर डीजल की बिक्री पर होने वाला नुकसान एक रपये से अधिक घटकर 7.16 रपए प्रति लीटर हो गया है.एक आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया कि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनी इंडियन ऑयल कार्प, भारत पेट्रोलियम कार्प और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कार्प को मार्च के दूसरे पखवाडे में 7.16 रपए का नुकसान हुआ जबकि इस महीने के पहले पखवाडे में 8.37 रपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा था. भारत जिस तरह के कच्चे तेल खरीदता है उसकी कीमत 106.18 डालर प्रति बैरल से घटकर 105.36 डालर प्रति बैरल रह गई.

कीमत इसलिए भी कम हुई कि स्थानीय बिक्री कर या मूल्यवर्धित कर को छोडकर डीजल की कीमत 50 पैसे प्रति लीटर बढी. जनवरी 2013 से डीजल की कीमत में कुल मिलाकर 8.33 रपए की बढोतरी हुई है.

डीजल के अलावा तेल कंपनियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के जरिए बेचे जाने वाले केरोसिन पर 36.34 रपए प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है जबकि पिछले महीने यह 35.76 रपए प्रति लीटर था. रसोई गैस पर होने वाला नुकसान घटकर 605.80 रपए प्रति सिलिंडर हो गया है जो फरवरी में 655.96 रपए प्रति सिलिंडर था.

तेल कंपनियों को डीजल, सार्वजनिक वितरण प्रणाली वाले केरोसिन और घरेलू रसोई गैस के मुकाबले रोजाना 399 करोड रुपए का नुकसान हो रहा है जबकि पिछले पखवाडे रोजाना 411 करोड रपए का नुकसान हो रहा था.

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