स्टॉक मार्केट में आ गया निप्पॉन इंडिया का NFO, लपक लीजिए… फिर नहीं मिलेगा मौका

NFO: इक्वल वेट इंडेक्स फंड में निवेश करने से समान अवसर का लाभ मिलता है, क्योंकि इंडेक्स में सभी घटकों का इक्वल वेट होता है. यह प्रत्येक घटक को इंडेक्स में अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका देता है.

By KumarVishwat Sen | August 27, 2024 5:17 PM

NFO: म्यूचुल फंड में निवेश करने वालों के लिए एक अच्छी खबर है. स्टॉक मार्केट में निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड का नया फंड ऑफर (NFO) पेश कर दिया है. इसका सब्सक्रिप्शन 4 सितंबर, 2024 को बंद होगा. खास बात यह है कि निप्पॉन इंडिया म्यूचुअल फंड का निफ्टी 500 इक्वल वेट इंडेक्स फंड है और इसकी खासियत है कि यह निफ्टी 500 यूनिवर्स को कवर करने वाला पहला इक्वल वेट इंडेक्स है.

इक्वल वेट इंडेक्स क्या है?

इक्वल वेट इंडेक्स स्टॉक मार्केट में अनूठा अप्रोच दिखाते हैं, जहां इंडेक्स में प्रत्येक घटक को कंपनी के बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) की परवाह किए बिना इक्वल वेट दिया जाता है. वैश्विक स्तर पर इक्वल वेट फंडों में काफी निवेश किया जाता है. इन्वेस्को एसएंडपी 500 इक्वल वेट ईटीएफ की संपत्ति 58,400 मिलियन डॉलर है, जबकि आईशेयर एमएससीआई यूएसए (iShares MSCI USA) इक्वल वेट ईटीएफ (ETF) की 803 मिलियन डॉलर है. गोल्डमैन सॉक्स इक्वल वेट यूएस लार्ज कैप इक्विटी ईटीएफ की असेट्स अंडर मैनेजमेंट (AMU) करीब 735 मिलियन डॉलर है.

इक्वल वेट इंडेक्स फंड काम कैसे करता है?

निप्पॉन इंडिया निफ्टी 500 इक्वल वेट इंडेक्स फंड कंपनी के निफ्टी 500 इक्वल वेट सूचकांक टीआरआई को दर्शाता है. निफ्टी 500 इंडेक्स के सभी घटक हमेशा निफ्टी 500 इक्वल वेट इंडेक्स का हिस्सा होंगे. इंडेक्स में प्रत्येक घटक को इक्वल वेट दिया जाएगा. यह निवेशकों को ऑटोमैटिक मुनाफा बुकिंग का प्रदान करता है, जहां बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टॉक्स का मुनाफा तिमाही आधार पर बुक किया जाता है और तिमाही रीबैलेंसिंग के माध्यम से पोर्टफोलियो के घटकों में दोबारा वितरित किया जाता है.

इक्वल वेट इंडेक्स फंड से निवेशकों को लाभ कैसे मिलता है?

इक्वल वेट इंडेक्स फंड में निवेश करने से समान अवसर का लाभ मिलता है, क्योंकि इंडेक्स में सभी घटकों का इक्वल वेट होता है. यह प्रत्येक घटक को इंडेक्स में अपना प्रदर्शन दिखाने का मौका देता है. निवेशकों को बाजार के उतार-चढ़ाव के लाभ भी मिलते हैं, क्योंकि घटकों के इक्वल वेट के कारण इंडेक्स में ज्यादा विविधीकरण होता है और कन्सर्टेशन रिस्क कम होता है. निवेशकों को व्यापक एक्सपोजर भी मिलता है, क्योंकि निफ्टी 500 में 3 प्रमुख अलग से समूह होते हैं. इनमें निफ्टी 100 (लार्ज कैप), निफ्टी मिडकैप 150 (मिड कैप) और निफ्टी स्मॉल कैप 250 (स्मॉल कैप) शामिल हैं. इससे बाजार के विभिन्न क्षेत्रों और कई सेक्टर्स में एक्सपोजर मिलता है. इंडेक्स में तीन कैप्स का अनुपात 20:30:50 है.

इक्वल वेट इंडेक्स फंड पर विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

झावेरी सिक्योरिटीज के जीत झावेरी का कहते हैं कि इस प्रकार के फंड्स द्वारा मिलने वाला रिटर्न उनकी बढ़ती लोकप्रियता को काफी हद तक प्रभावित कर रहा है. इक्वल वेट वाला इंडेक्स हमेशा बड़े सूचकांक से बेहतर प्रदर्शन करता है. निफ्टी 500 इक्वल वेट सूचकांक ने पिछले एक वर्ष में 56.6% का कम्पाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दिया है, जबकि निफ्टी 500 सूचकांक का रिटर्न 39.2% रहा है. पिछले तीन साल में इक्वल वेट इंडेक्स का कम्पाउंड एनुअल ग्रोथ रेट 25.9% और 21% रहा है, जो यह बताता है कि इक्वल वेट इंडेक्स ने निफ्टी 500 सूचकांक से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया है.

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नोट: प्रभात खबर किसी भी कंपनी के शेयर या म्यूचुल फंड में निवेश की सलाह नहीं देता. ये बाजार जोखिमों के अधीन है. इनमें निवेश करने से पहले किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट या विशेषज्ञ से व्यक्तिगत सलाह जरूर ले लें.

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