Budget 2024 for Education and Employment: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट पेश करते हुए रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन योजनाओं के तहत तीन योजनाओं की घोषणा की और कहा कि सरकार अगले पांच वर्षों में रोजगार सृजन के लिए 2 लाख करोड़ रुपये आवंटित करेगी.
इन योजनाओं से मिलेगा फायदा
पहली योजना (स्कीम ए) में ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को 15,000 रुपये तक की 3 किस्तों में 1 महीने का वेतन प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण शामिल है.
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दूसरी योजना (स्कीम बी) विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहनों पर केन्द्रित है, जो रोजगार के पहले 4 वर्षों में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों को उनके ईपीएफओ अंशदान के अनुसार सीधे प्रदान किए जाएंगे.
तीसरी योजना (स्कीम सी) में नियोक्ताओं को सहायता शामिल है: प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए ईपीएफओ अंशदान के लिए नियोक्ताओं को 2 वर्षों के लिए 3,000 प्रति माह तक की प्रतिपूर्ति.
इंटर्नशिप योजना की घोषणा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को एक महत्वाकांक्षी इंटर्नशिप योजना की भी घोषणा की, जो 5 साल की अवधि में 1 करोड़ से अधिक युवाओं की मदद करेगी. यह योजना देश भर की 500 शीर्ष कंपनियों के साथ सहयोग करेगी. इस योजना में भाग लेने वालों को 5000 रुपये का मासिक इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा.
सीतारमण ने कहा कि इंटर्नशिप कार्यक्रम में भाग लेने वाली कंपनियां प्रशिक्षण लागत के लिए जिम्मेदार होंगी, जिसमें 10 प्रतिशत खर्च उनके कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (CSR) फंड से वहन किया जाएगा. यह कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 135 में उल्लिखित नियमों के अनुरूप है, जिसके अनुसार स्पेसिफिक टर्नओवर और प्रॉफिटेबलिटी क्राइटेरिया को पूरा करने वाली कंपनियों को पिछले तीन वर्षों के अपने औसत शुद्ध लाभ का 2 प्रतिशत सीएसआर पहलों के लिए आवंटित करना आवश्यक है.