PM-AJAY Scheme: प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना (पीएम-अजय) एक पहल है जिसका उद्देश्य भारत भर में अनुसूचित जाति (एससी) समुदायों का उत्थान करना है जो आर्थिक, रोजगार और विकास क्षेत्रों में सबसे निचले पायदान पर हैं. गरीबी से निपटने और सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार के लिए शुरू की गई पीएम अजय योजना का उद्देश्य वंचित क्षेत्रों में रोजगार पैदा करना और शिक्षा में सुधार करना है. हाल ही में, केंद्रीय सलाहकार समिति ने इसकी प्रगति की समीक्षा करने और भविष्य की कार्रवाई की रणनीति बनाने के लिए बैठक की.
पीएम-अजय का उद्देश्य क्या है?
पीएम-अजय का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदायों में गरीबी को कम करना और इस समुदाय को समाज के उस स्तर पर लाना है जहां आज विकास का स्तर उस स्तर पर पहुंच गया है जब पूरी दुनिया आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक पहुंच गई है. इसके बावजूद आज भी इस समाज के लोग बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
इस योजना का उद्देश्य अनुसूचित जातियों की साक्षरता दर को बढ़ाना और शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन को प्रोत्साहित करना है, खासकर आकांक्षी जिलों में. यह कौशल विकास और आय-उत्पादक पहलों के माध्यम से हासिल किया जाता है.
PM-AJAY Scheme: यह किन सामाजिक संसाधनों पर काम करेगी
आदर्श ग्राम विकास: पीएम-अजय की इस पहल का उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और वित्तीय समावेशन सहित दस क्षेत्रों में आवश्यक बुनियादी ढांचे और सामाजिक-आर्थिक संकेतकों पर ध्यान केंद्रित करते हुए एकीकृत विकास सुनिश्चित करके एससी-बहुल गांवों को मॉडल गांवों में बदलना है.
अनुदान सहायता: इस घटक का उद्देश्य सामाजिक-आर्थिक विकास के उद्देश्य से जिला और राज्य स्तरीय परियोजनाओं को बढ़ावा देना है. इसमें व्यापक आजीविका परियोजनाएं शामिल हैं जो एससी समुदायों के लिए स्थायी आय के अवसर पैदा करती हैं.
छात्रावास निर्माण: यह योजना अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए छात्रावासों की स्थापना को बढ़ावा देती है ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधा मिल सके और इस प्रकार इस समुदाय के छात्रों को अवसर प्रदान किए जा सकें. इसका उद्देश्य स्कूल छोड़ने की दर को कम करना और उच्च शिक्षा तक पहुंच में सुधार करना है.
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