पद्मावती'' को CBFC से मिली हरी झंडी, नये टाइटल के साथ जल्द रिलीज हो सकती है फिल्म !

मुंबई : संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर विवाद अब थमता दिख रहा है.’पद्मावती’ को सेंसर बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है. कुछ बदलाव के साथ फिल्म जल्द रिलीज हो सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ रिव्यू कमेटी ने फिल्म के टाइटल ‘पद्मावती’ और ‘घूमर डांस’ पर आपत्ति जताई थी […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुंबई : संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावती को लेकर विवाद अब थमता दिख रहा है.’पद्मावती’ को सेंसर बोर्ड ने हरी झंडी दे दी है. कुछ बदलाव के साथ फिल्म जल्द रिलीज हो सकती है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक़ रिव्यू कमेटी ने फिल्म के टाइटल ‘पद्मावती’ और ‘घूमर डांस’ पर आपत्ति जताई थी और इसे बदलने की सलाह दी थी. सूत्रों की मानें तो इसे मान लिया गया है. सेंसर बोर्ड फिल्‍म को UA सर्टिफिकेट देने पर राजी हो गई है. वहीं फिल्‍मकारों को फिल्‍म में डिस्‍क्‍लेमर भी डालना होगा.

संजय लीला भंसाली ने फिल्म को लेकर चल रहे विवाद के मद्देनजर उन सारे सुझावों को मान लिया है जिसे लेकर करणी सेना विरोध कर रही थी. कहा जा रहा है फिल्म का नाम पद्मावती से बदलकर अब पद्मावत कर दिया जायेगा.फिल्म के शुरू होने से पहले एक संदेश दिया जायेगा जिसमें इस पूरी कहानी को काल्पनिक कहा जायेगा. इस पूरे मामले पर करणी सेना से बात की गयी तो उन्होंने कहा, अबतक हमारे पास पूरी जानकारी नहीं आयी है. जबतक हमारे पास पूरी जानकारी नहीं आयेगी तबतक इस पर टिप्पणी नहीं कर सकते. हम अभी भी फिल्म के खिलाफ है. इस तरह इतिहास के साथ छेड़छाड़ करके फिल्म के प्रमोशन और लाभ पाने की प्रवृति बंद होनी चाहिए.

बोर्ड ने पद्मावती पर जयपुर के इतिहासकारों की राय जानने के लिये उन्हें आमंत्रित किया है. फिल्म में ऐतिहासिक तथ्यों के बारे समीक्षा करने के लिए सेंसर बोर्ड आफ सर्टिफिकेशन के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने वरिष्ठ इतिहासकार एवं वर्तमान में अग्रवाल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर आर एस खंगारोत और राजस्थान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्रोफेसर बी एल गुप्ता को आमंत्रित किया था.

श्रीराजपूत करणी सेना और राजपूत नेताओं ने फिल्म निर्माता पर रानी पद्मावती के बारे में ऐतिहासिक तथ्यों को तोड मरोडकर प्रदर्शित करने का आरोप लगाते हुए इसका विरोध किया था. इस वर्ष जनवरी में जयगढ किले में फिल्म की शूटिंग के दौरान करणी सेना के सदस्यों ने हंगामा किया था. उसके बाद फिल्म निर्माता भंसाली ने शूटिंग बंद करके सेना के सदस्यों से फिल्म में रानी पद्मावती और अलाउद्दीन खिलजी के बीच किसी प्रकार का प्रेमप्रसंग नहीं दिखाये जाने का वादा किया था. लेकिन बाद में करणी सेना ने फिल्म निर्माता पर वायदे के अनुसार फिल्म की स्क्रीनिंग के लिए आमंत्रित नहीं करने का आरोप लगाया.

क्‍या है पूरा मामला?
फिल्म को लेकर शूटिंग की समय से ही हंगामा जारी है. आरोप है ‘पद्मावती’ के व्यक्तित्व को तोड़-मरोड़ कर पेश किया है और भंसाली अपने फायदे के लिए इतिहास के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं. आरोप यह भी है कि फिल्म में रानी पद्मावती और खि‍लजी के बीच ड्रीम सीक्वेंस है. हालांकि भंसाली खुद इस बात को खारिज कर चुके हैं. बाद में एक बयान में उन्होंने ये भी कहा कि उनकी फिल्म मलिक मोहम्‍मद जायसी की ‘पद्मावत’ पर आधारित है. विवाद की वजह से 12 दिसंबर को प्रस्तावित फिल्म सेंसर में अटक गई और इसकी रिलीज डेट टालनी पड़ी. भंसाली को संसदीय कमेटी के सामने भी पेश होना पड़ा. चर्चा है कि फिल्म अगले साल रिलीज हो सकती है. हालांकि अभी सेंसर को इसे पास करना है. पद्मावती को लेकर विवाद भी शांत नहीं हुए हैं. फिल्‍म में दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर मुख्य भूमिका में हैं.
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