अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव : स्वर्ण मयूर पुरस्कार के लिए दो भारतीय फिल्में भी रेस में

पणजी: भारत में होने वाली अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव में (इफ्पी) में स्‍वर्ण मयूर पुरस्‍कार की रेस में 13 अन्‍य देशों की फिल्‍म के साथ-साथ दो भारतीय फिल्‍में भी होड़ में है. कल से शुरु हो रहे इफ्फी के स्पर्धा खंड के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जूरी ने अन्य फिल्मों के साथ मराठी फिल्म ‘एक हजारची नोट’ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |
पणजी: भारत में होने वाली अंतरराष्‍ट्रीय फिल्‍म महोत्‍सव में (इफ्पी) में स्‍वर्ण मयूर पुरस्‍कार की रेस में 13 अन्‍य देशों की फिल्‍म के साथ-साथ दो भारतीय फिल्‍में भी होड़ में है.
कल से शुरु हो रहे इफ्फी के स्पर्धा खंड के लिए एक अंतरराष्ट्रीय जूरी ने अन्य फिल्मों के साथ मराठी फिल्म ‘एक हजारची नोट’ और बांग्ला फिल्म ‘चोटोदेर चोबी’ को चुना है.
आयोजकों ने बताया कि पोलैंड के 69 वर्षीय फिल्मकार स्लावोमिर इदजियाक की अगुवाई में जूरी स्वर्ण मयूर पुरस्कार के लिए सर्वश्रेष्ठ फिल्म का चयन करेगी.
श्रीहरि साठे द्वारा निर्देशित ‘एक हजारची नोट’ एक गरीब विधवा की दास्तान है जो महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में एक छोटे से गांव में रहती है. उसका एकमात्र बेटा, जो किसान है, आत्महत्या कर लेता है. कहानी तब मोड लेती है जब चुनावी रैली में एक नेता उसे 1,000 रुपये देता है.
कौशिक गांगुली निर्देशित बांग्ला फिल्म ‘चोटोदेर चोबी’ में सर्कस के एक कलाकार की कहानी है, जो ट्रेनों में घूम घूमकर कीडे पतंगे मारने की दवा बेचने लगता है.आयोजकों के मुताबिक, इन फिल्मों का मुकाबला क्यूबा, कनाडा, तुर्की, चीन, ईरान, इस्राइल, रुस, हंगरी, उरुग्वे, अमेरिका, वियतनाम और कजाखस्तान की फिल्मों से होगा.
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