2015 : ''असहिष्णुता-सेंसरशिप'' जैसे कई विवादों का साया रहा बॉलीवुड पर

मुंबई : वर्ष 2015 में बॉलीवुड के कई सितारों ने अपने सामान्य कूटनीतिक रुख से हटते हुए विचार जाहिर किए और विवादों में घिरे. बॉलीवुड के तीनों खान खास तौर पर इन विवादों की चपेट में आए. असहिष्णुता पर आमिर खान और शाहरुख खान की कथित टिप्पणियों ने उन्हें विवादों में उलझाया तो सलमान खान […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

मुंबई : वर्ष 2015 में बॉलीवुड के कई सितारों ने अपने सामान्य कूटनीतिक रुख से हटते हुए विचार जाहिर किए और विवादों में घिरे. बॉलीवुड के तीनों खान खास तौर पर इन विवादों की चपेट में आए. असहिष्णुता पर आमिर खान और शाहरुख खान की कथित टिप्पणियों ने उन्हें विवादों में उलझाया तो सलमान खान मुंबई बम धमाकों के दोषी ठहराए गए याकूब मेनन को मौत की सजा दिए जाने के खिलाफ बोल कर विवादों में उलझे.

आमिर ने कहा था कि देश में हिंसा की हालिया घटनाओं से वह चिंतित हैं और उनकी पत्नी किरण राव ने तो यहां तक सुझाव दे दिया था कि उन्हें देश छोड कर चले जाना चाहिए. इस टिप्पणी के बाद उनके खिलाफ मोर्चा खोलने वालों में सत्तारुढ पार्टी के सदस्यों के साथ साथ आमिर के ही कई सहयोगी शामिल हो गए. आखिरकार आमिर को अपने बचाव में बयान देना पडा कि उनके शब्दों का गलत मतलब निकाला गया है.

यही हाल शाहरुख का हुआ जब उन्होंने अपने 50वें जन्मदिन पर कहा कि देश में असहिष्णुता बढ रही है. सत्तारुढ दल के नेताओं सहित कई लोगों ने उनकी आलोचना शुरु कर दी. उन्हें न केवल पाकिस्तानी एजेंट कहा गया बल्कि उनकी तुलना आतंकवादी हाफिज सईद तक से कर दी गई. बाद में शाहरुख ने कहा कि उन्होंने यह कभी नहीं कहा कि भारत असहिष्णु है और उनके शब्दों का गलत अर्थ निकाला गया. बहरहाल, उनकी टिप्पणी कल ही रिलीज हुई उनकी फिल्म ‘दिलवाले’ पर भी भारी पड रही है.

आमिर और शाहरुख से बहुत पहले कथित असहिष्णुता के विरोध में पुरस्कार लौटाने वाले कलाकारों, फिल्म निर्माताओं, लेखकों, वैज्ञानिकों और इतिहासकारों की सूची में दिवाकर बनर्जी और आनंद पटवर्द्धन का नाम जुड गया था. बनर्जी और पटवर्द्धन ने एफटीआईआई के आंदोलनरत छात्रों के साथ एकजुटता दर्शाते हुए और देश में बढती असहिष्णुता के विरोध में आठ अन्य निर्देशकों के साथ अपने राष्ट्रीय अवार्ड लौटा दिए थे.

पिछले माह अन्य 24 फिल्म निर्माताओं ने भी अपने अवार्ड लौटाए. इस कदम की बहरहाल अनुपम खेर, रवीना टंडन तथा प्रियदर्शन सहित कई सितारों ने अवार्ड वापसी की आलोचना की. विवाद का मुख्य कारण भारतीय फिल्म एवं टेलिविजन संस्थान सोसायटी के अध्यक्ष एवं इसकी गवर्निंग काउंसिल के चेयरमेन के पद पर टीवी कलाकार तथा भाजपा सदस्य गजेन्द्र चौहान की नियुक्ति है. चौहान की नियुक्ति के विरोध में संस्थान के छात्रों 12 जून से अनिश्चितकालीन हडताल पर चले गए थे.

अनुपम खेर ने राष्ट्रीय राजधानी में सहिष्णुता रैली तक निकाल डाली. अनुपम की पत्नी किरण भाजपा की सांसद हैं. इस साल बॉलीवुड में कई लोगों को और देश के कई सिने प्रेमियों को सेंसर बोर्ड ने भी खूब निराश किया. पहले तो सेंसर बोर्ड ने 28 प्रतिबंधित शब्दों की एक सूची का प्रस्ताव दिया और फिर ‘एनएच 10′, ‘दम लगा के हइशा’, ‘स्पेक्ट्र’ तथा ‘एंग्री इंडियन गॉडेसेज’ जैसी फिल्मों में कैंची चलाने की मांग कर दी. ‘स्पेक्ट्रे’ में कैंची चलाने पर सेंसर बोर्ड प्रमुख पहलाज निहालानी की जम कर आलोचना हुई.

आम तौर पर संतुलित विचार जाहिर करने वाले सलमान खान ने मुंबई बम धमाकों के दोषी याकूब को बेकसूर बताते हुए ट्वीट किया कि उसके भाई टाइगर मेमन के किए धरे के लिए याकूब को फांसी नहीं देनी चाहिए. इसके बाद सलमान के घर के बाहर विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला शुरु हुआ. साथ ही, सोशल नेटवर्किंग साइट पर भी आलोचना हुई. सलमान के घर के बाहर पुलिस तैनात करनी पडी और ‘दबंग’ स्टार को अपने ट्वीट वापस लेते हुए माफी मांगनी पडी.

वर्ष 2002 के ‘हिट एंड रन’ मामले में इस साल सत्र अदालत ने 49 वर्षीय सलमान को दोषी ठहराया तो उच्च न्यायालय ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया. इस फैसले से सलमान को राहत मिल गई लेकिन कइयों को यह रास नहीं आया. इस साल अमिताभ बच्चन ने ऐसे हर विवाद से दूरी बनाए रखी लेकिन एक लोकप्रिय ब्रांड के नूडल का विज्ञापन करने की वजह से 73 वर्षीय महानायक विवाद में उलझ गए. इसी ब्रांड के विज्ञापन के कारण अभिनेत्री माधुरी दीक्षित और प्रीति जिंटा भी मुश्किल में फंसीं.

तमिलनाडु उपभोक्ता फोरम ने एक याचिका के आधार पर अमिताभ, माधुरी और प्रीति जिंटा को नोटिस जारी किए. याचिका में तीनों कलाकारों को मैगी मूडल्स की गुणवत्ता और सुरक्षा के बारे में झूठा प्रचार करने से रोकने का आदेश देने की मांग की गई थी. सलमान ने अपनी फिल्म ‘हीरो’ से सूरज पंचोली को लॉन्च किया था. पंचोली अपनी गर्ल फ्रैंड जिया खान के आत्महत्या मामले में फंस गए.

सूरज को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया और फिर वे जमानत पर रिहा हुए. मामला सीबीआई को सौंपा गया जिसने जांच के बाद निष्कर्ष निकाला कि जिया ने आत्महत्या की थी. सीबीआई ने सूरज पर जिया को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया और जांच के दौरान उनसे पूछताछ भी की.

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