Jharkhand Panchayat Chunav: त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर गढ़वा जिले के रमकंडा प्रखंड में प्रथम चरण में मतदान होना है. प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित होने के बाद प्रत्याशियों ने जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है, तो दूसरी ओर मतदाता भी प्रत्याशियों की छवि का आकलन करने में जुट गये हैं. कड़ी धूप में आराम कर सुबह और दोपहर बाद से लेकर रात तक अपने-अपने क्षेत्र के टोला स्तर पर ग्रामीणों के साथ बैठक करने में जुटे हैं.
चुनावी चौपाल में ग्रामीणों ने रखी अपनी बात
पहली बार पंचायत चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी ग्रामीणों को गांव पंचायत का समुचित विकास करने का भरोसा दिला रहे हैं, तो पुराने जनप्रतिनिधि अपने विकास कार्यों को बताकर ग्रामीणों को अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे हैं. इसी को लेकर प्रभात खबर चुनावी चौपाल के माध्यम से मतदाताओं से इन्हीं चर्चा और प्रत्याशियों के चयन के विषय पर बातचीत की गयी.
शिक्षित प्रत्याशी को जिताने पर जोर
ग्रामीण गोपाल राम, सुरेंद्र राम, अनिल राम, छठन राम, सुनेश राम, जितेंद राम आदि बताते हैं कि शिक्षित प्रत्याशी से ही समाज और पंचायत का विकास हो सकता है. रमकंडा प्रखंड के हरहे पंचायत में मुखिया पद के आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं. इस पंचायत से 2010 के चुनाव में सुनीता देवी मुखिया बनी. वहीं, 2015 के चुनाव में श्रवण प्रसाद मुखिया बने. इस बार भी तत्कालीन मुखिया चुनाव मैदान में हैं. इस पंचायत के कुल 13 वार्ड में 4989 मतदाता इस बार वोट करेंगे. इनमें 2626 पुरुष व 2363 महिला मतदाता हैं.
क्या कहते हैं वोटर्स
चपरी गांव निवासी प्यारी राम बताते हैं कि जिला स्तर से विकास कार्य को खींचकर गांव, पंचायत और प्रखंड तक लाने वाले प्रत्याशी से ही विकास संभव है. यह कार्य शिक्षित प्रत्याशी ही कर सकता है. इस बार के पंचायत चुनाव में विकास के प्रति सोच रखने वाले शिक्षित प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे. वहीं, मुनि राम ने कहा कि पंचायत में शिक्षित, सामाजिक और पंचायत के विकास के प्रति सच्ची निष्ठा रखने वाले प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे. किसी के बहकावे में आकर अपने मत का दुरुपयोग नहीं होने देंगे.
पंचायत चुनाव से गांव-गांव तक विकास के आसार
इसके अलावा चपरी गांव निवासी नाथुन राम बताते हैं कि सात सालों में गांवों तक विकास पहुंचा है. जलमीनार के माध्यम से पानी की समस्या दूर हुई है, लेकिन कुछ कार्य अभी तक बाकी रह गया है. आज भी पंचायत में शिक्षा व्यवस्था की स्थिति ठीक नहीं है. वहीं, सुरेश राम कहते हैं कि गांव के विकास में पंचायती राज व्यवस्था का होना बेहद जरूरी है. कहा कि सांसद, विधायक वाला विकास गांवों तक नहीं पहुंच पाता, लेकिन पंचायत चुनाव होने से गांव तक सरकार पहुंचेगी, इससे विकास सीधे गांव तक पहुंचेगा.
रिपोर्ट : मुकेश तिवारी, रमकंडा, गढ़वा.