Mahalaya 2020: बंगाल में मना महालया, ममता बनर्जी बोलींं : कोविड-19 को दुर्गा पूजा के उत्साह को फीका न करने दें
Mahalaya 2020, Durga Puja 2020: पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार (17 सितंबर, 2020) को महालया के अवसर पर लाखों लोगों ने ‘तर्पण’ किया. हालांकि, इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव, अधिमास के कारण एक महीने बाद शुरू होगा. कोविड-19 महामारी के बीच राज्य भर में लाखों लोगों ने हुगली और अन्य नदियों तथा जलाशयों के किनारे अपने पुरखों का तर्पण किया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कोविड-19 को त्योहार के उत्साह को फीका न करने दें.
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में बृहस्पतिवार (17 सितंबर, 2020) को महालया के अवसर पर लाखों लोगों ने ‘तर्पण’ किया. हालांकि, इस वर्ष दुर्गा पूजा महोत्सव, अधिमास के कारण एक महीने बाद शुरू होगा. कोविड-19 महामारी के बीच राज्य भर में लाखों लोगों ने हुगली और अन्य नदियों तथा जलाशयों के किनारे अपने पुरखों का तर्पण किया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि कोविड-19 को त्योहार के उत्साह को फीका न करने दें.
आकाशवाणी पर सुबह देवी दुर्गा को समर्पित महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का प्रसारण किया गया. आकाशवाणी पर महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र के पाठ का सीधा प्रसारण पहली बार 1930 के दशक में किया गया था, जिसके बाद प्रतिवर्ष महालया के अवसर पर इसका प्रसारण किया जाता है. हुगली के विभिन्न घाटों पर कोई अप्रिय घटना न हो, इसलिए जल यातायात पुलिस ने कड़ी निगरानी रखी थी.
अधिकारियों ने कहा कि कोलकाता के 18 घाटों पर तर्पण किये जाने के दौरान उचित सुरक्षा-व्यवस्था का प्रबंध किया गया. पितृपक्ष के अंतिम दिन, परिवार के वरिष्ठ जन अपने पुरखों को जल देकर उन्हें ‘तृप्त’ करते हैं. इस अनुष्ठान को तर्पण कहा जाता है. कोलकाता पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को घाटों पर तैनात किया गया था, जबकि नागरिक पुलिस स्वयंसेवियों को सामाजिक दूरी का पालन कराने के लिए तैनात किया गया था.
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पुलिस ने कहा कि घाटों के आसपास सड़कों पर वाहनों का आवागमन भी प्रतिबंधित था. महालया पर मूर्तिकार, देवी दुर्गा की प्रतिमाओं की आंखें बनाते हैं और इस परंपरा को ‘चक्षु दान’ कहा जाता है. इस साल दुर्गा पूजा एक महीने बाद शुरू होने के कारण यह परंपरा नहीं हुई. बंगाली संवत में कार्तिक महीना शुक्रवार को शुरू हो रहा है, लेकिन ‘मलमास’ या ‘अधिमास’ होने के कारण दुर्गा पूजा का पर्व 22 अक्टूबर से शुरू होगा. इस वर्ष 17 सितंबर को महालया के साथ विश्वकर्मा पूजा का उत्सव भी मनाया गया.
कोरोना ने रोजमर्रा का जीवन बदल दिया : ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने महालया की शुभकामनाएं देते हुए सभी लोगों से संकट की इस घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की. कहा कि कोरोना वायरस ने रोजमर्रा का जीवन बदल दिया है, लेकिन इस वैश्विक महामारी को त्योहार का जोश फीका न करने दें.
On the auspicious occasion of Mahalaya,I extend my warm regards to one & all.Although #COVID19 has restricted how we celebrate festivals, we shall not allow it to dampen the spirit of this Durga Puja. To this end & to lighten up every home,I undertake #MahalayaProtishruti. (1/2)
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) September 16, 2020
बनर्जी ने ट्वीट किया कि इस महालया के शुभ दिन, मैं आप सभी को शुभकामनाएं देती हूं. कोविड-19 ने त्योहार के जश्न को सीमित कर दिया है, लेकिन हमें उसे दुर्गा पूजा का जोश कम नहीं करने देना चाहिए.
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उन्होंने कहा कि मैं सभी लोगों से सामने आने और जरूरतमंदों की मदद करने की अपील भी करती हूं. महालया 16 दिन के पितृ पक्ष की समाप्ति पर मनाया जाता है, जब हिंदू अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि देते हैं. ममता बनर्जी ने लोगों को विश्वकर्मा पूजा और भादू उत्सव की भी शुभकामनाएं दीं.
Posted By : Mithilesh Jha