अमित शाह का पलटवार, कहा-राहुल गांधी का अभियान फर्जी
नयी दिल्ली : केंद्र सरकार पर राहुल गांधी के आरोपों को लेकर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी ने संविधान की भावना को खत्म करने का काम किया है जो लोकतंत्र के बजाय वंशवाद का शासन कायम रखना चाहती है और इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष फर्जी अभियान […]
नयी दिल्ली : केंद्र सरकार पर राहुल गांधी के आरोपों को लेकर पलटवार करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने सोमवार को कहा कि कांग्रेस पार्टी ने संविधान की भावना को खत्म करने का काम किया है जो लोकतंत्र के बजाय वंशवाद का शासन कायम रखना चाहती है और इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष फर्जी अभियान चला रहे हैं.
भाजपा अध्यक्ष ने ट्वीट किया, ‘संविधान से निकली हमारी संस्थाओं को आज कांग्रेस के हमलों से बचाये जाने की जरूरत है. कांग्रेस पार्टी ने किसी भी संस्थान को निशाना बनाना नहीं छोड़ा और वह क्षुद्र राजनीतिक फायदे के लिए चुनाव आयोग, उच्चतम न्यायालय, सेना को निशाना बना रही है.’ उन्होंने कहा कि राहुल गांधी बार बार यह कह कर डाॅ अांबेडकर को अपमानित करने की पारिवारिक परंपरा को ही आगे बढ़ा रहे हैं कि कांग्रेस ने संविधान बनाया है. नेहरू-गांधी परिवार ने उन्हें (अांबेडकर को) तब अपमानित किया जब वे जीवित थे और अब भी पार्टी उनका अपमान कर रही है.
अमित शाह ने कहा कि अगर कोई एक पार्टी है जिसने संविधान की भावना को खत्म किया है, तो वह कांग्रेस है. वह लोकतंत्र का शासन नहीं चाहती, बल्कि वंशवाद के शासन को कायम रखना चाहती है और इसलिए उसके अध्यक्ष का यह फर्जी आंदोलन है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस का ‘संविधान बचाओ’ अभियान लोकतंत्र के शासन पर वंशवाद के शासन को कायम रखने की चाल है. शाह ने कहा कि प्रधान न्यायाधीश पर महाभियोग का कांग्रेस का कदम हर उस संस्थान को कमजोर करने की प्रवृति का हिस्सा है जो अपनी वैयक्तिक पहचान को अक्षुण्ण बनाये रखने के लिए प्रयासरत है. अमित शाह ने राहुल के भाषण पर कहा कि जिन्हें सेना, उच्चतम न्यायालय, चुनाव आयोग, ईवीएम, आरबीआई पर विश्वास नहीं है, वे अब कह रहे हैं कि लोकतंत्र खतरे में है.
इससे पहले राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर उच्चतम न्यायालय को दबाने और संसद को ठप करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि आरएसएस हर लोकतांत्रिक ढांचे की हत्या कर रहा है. राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें अगर संसद में 15 मिनट तक बोलने दिया गया तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद छोड़ कर भाग जायेंगे.