नयी दिल्ली : उच्चतम न्यायालय ने एमबीबीएस, बीडीएस और स्नातकोत्तर मेडिकल कोर्स में दाखिले के लिए संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की अधिसूचना को आज रद्द कर दिया.
उच्चतम न्यायालय की तीन न्यायाधीशों की पीठ ने 2:1 से दिये फैसले में राष्ट्रीय पात्रता प्रवेश परीक्षा के लिए अधिसूचना को संविधानेतर करार दिया.
शीर्ष अदालत ने हालांकि स्पष्ट किया कि इस फैसले से उन दाखिलों पर प्रभाव नहीं पड़ेगा जो पहले ही लिए जा चुके हैं.न्यायमूर्ति ए आर दवे ने प्रधान न्यायाधीश न्यायमूति अल्तमस कबीर और न्यायमूर्ति विक्रमजीत सेन के फैसले से असहमति जतायी.
बहुमत के आधार पर दिये गये फैसले में पीठ ने कहा कि एमसीआई को अखिल भारतीय चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के बारे में सिफारिश करने का अधिकार नहीं है.
पीठ ने कहा कि एमसीआई की अधिसूचना संविधान के अनुच्छेद 19, 25, 26, 29 और 30 का उल्लंघन है.

