नयी दिल्ली : युवाओं खासकर शहरी क्षेत्र के नौजवानों को जोड़ने की कवायद के तहत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इंटरनेट और सोशल मीडिया को जरिया बना रहा है. संघ ने दावा किया है कि इससे शाखाओं में कालेज छात्रों की सहभागिता में काफी वृद्धि दर्ज की गई है.
संघ की अखिल भारतीय कार्यकारणी की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस वर्ष संघ की 1000 नई शाखाएं खुली हैं. संगठन में युवाओं एवं तरुणों की सहभागिता काफी बढी है. कॉलेज जाने वाले काफी छात्र संघ की गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं. कोच्चि में 25 से 27 अक्तूबर तक चलने वाली संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में इस रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा हुई है.
संघ की शाखाओं में युवाओं से सहभागिता में कमी के बारे में मीडिया में आई खबरों के बारे में पूछने पर संघ के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने से कहा, देश में आरएसएस की 40 हजार शाखाएं हैं. पिछले वर्षों में इसमें लगातार विस्तार हुआ है. हर साल संघ कक्षा वर्ग एवं शाखाओं के माध्यम से 70 हजार तरुण जुड़ रहे हैं. यह तब हो रहा है जब हमने संघ में प्रवेश की प्रक्रिया को कड़ा कर दिया है.
उन्होंने कहा, हमारा अनुभव यह कहता है कि संघ से युवाओं का जुड़ाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसा देखा गया है कि सुबह शाखा की तुलना में रात्रि शाखा में इनकी संख्या अधिक होती है. उन्होंने कहा कि संघ में प्रवेश का सिद्धांत है लेकिन निष्कासन नहीं होता है. हमारा प्रयास है कि इसमें हर पृष्ठभूमि के लोग जुड़े.
वैद्य ने कहा, संघ में प्रवेश की अपनी एक स्वाभाविक प्रक्रिया होती है. हालांकि हम विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से लोगों को जोड़ने का प्रयास करते हैं.उन्होंने कहा कि इसके तहत हमने इंटरनेट पर वेबसाइट पर ज्वायन आरएसएस अभियान शुरु किया है. साथ ही कई लोग सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक, ट्विटर के माध्यम से इसमें लगे हुए हैं.
वैद्य ने कहा कि देश के कई प्रदेशों में संघ का विस्तार कार्य चल रहा है और केरल एवं पूर्वोत्तर राज्यों में हमें अच्छी सफलता मिली है. राजस्थान और असम में शाखा का काफी विस्तार हुआ है. उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों में कानून एवं व्यवस्था तथा आवागमन की असुविधा का सामना करना पड़ा है. हालांकि संघ का स्वाभाविक गति से विस्तार हो रहा है.

