टॉप 100 ग्लोबल यूनिवर्सिटी की सूची में बेंगलुरु के IISC ने बनायी जगह

लंदन: भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलूरु ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के लिए दुनिया के 100 आला विश्वविद्यालय में भारत के खराब प्रदर्शन के सिलसिले को पीछे छोड दिया है.‘टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) रैंकिंग फॉर इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी’ में स्टेनफोर्ड, केलटेक और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी (एमआईटी) के शीर्ष तीन स्थान के अलावा बाकी जगहों पर […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 12, 2015 3:39 PM

लंदन: भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी), बेंगलूरु ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के लिए दुनिया के 100 आला विश्वविद्यालय में भारत के खराब प्रदर्शन के सिलसिले को पीछे छोड दिया है.‘टाइम्स हायर एजुकेशन (टीएचई) रैंकिंग फॉर इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी’ में स्टेनफोर्ड, केलटेक और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्नोलॉजी (एमआईटी) के शीर्ष तीन स्थान के अलावा बाकी जगहों पर अमेरिकी संस्थानों के दबदबे के साथ आईआईएससी को सूची में 99वां स्थान मिला है. ‘टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग’ के संपादक फिल बेटी ने कहा कि इस साल भारत को महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग एंड टैक्नोलॉजी रैंकिंग में आगे बढने में सफलता मिली है.

उन्होंने कहा, ‘‘आईटी या विमानन इंजीनियरिंग या स्टीलमेकिंग जैसे पारंपरिक क्षेत्रों वाले उच्च तकनीक के क्षेत्रों को देखें तो भारत का इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी का कौशल गूगल और माइक्रोसॉफ्ट, इंफोसिस और विप्रो या टाटा और मित्तल की तरह भारत में जन्मे लोगों द्वारा चलायी जाने वाली कंपनियों या भारत में स्थित कंपनियों के आकार लेने में दिखता है.” टीएचई में एशियाई प्रगति इस तरह दिखती है कि शीर्ष 100 में पिछले साल के 34 की बजाए इस बार अमेरिका के 31 संस्थानों को जगह मिली है जबकि पिछले साल 18 की तुलना में इस बार 25 जगहों पर एशिया के संस्थान रहे.उन्होंने कहा, ‘‘इस सारणी में शीर्ष पर अब भी अमेरिका और ब्रिटेन का दबदबा है पर एशिया का शक्ति संतुलन की तरफ बढना साबित करता है कि उसके संस्थान इस क्षेत्र में विश्व स्तर के हैं.”