नयी दिल्ली: राष्ट्रपति ने तेलंगाना विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है लेकिन लोकसभा में इसे पेश करने के समय को लेकर संशय बरकरार है. गृह मंत्रालय में इस तरह की उम्मीदें हैं कि विधेयक को 13 फरवरी को पेश किया जा सकता है लेकिन लोकसभा की कार्यमंत्रणा समिति (बीएसी) विवादित मुद्दों को 18 फरवरी के बाद लाने पर विचार कर रही है.सूत्रों ने कहा, ‘‘विधेयक लोकसभा में कल पेश नहीं किया जाएगा क्योंकि कल रेल बजट पेश बीएसी की आज की बैठक में कई राजनीतिक दलों ने पहले अंतरिम रेल बजट और आम बजट पेश करने की आवश्यकता पर विचार व्यक्त किए जिसके बाद आंध्रप्रदेश के बंटवारे का विधेयक रखा जाए.
18 फरवरी को लेखानुदान 2013-14 को सदन द्वारा मंजूरी देने के बाद विधेयक को पेश किए जाने की संभावना है. इसके सिर्फ तीन दिनों बाद ही 15वीं लोकसभा का अंतिम सत्र खत्म होगा. बहरहाल विपक्षी नेताओं ने कहा कि सरकार को विवादास्पद विधेयक पर अपने विचार का खुलासा करना चाहिएरेलवे के लिए लेखानुदान जहां कल पेश किया जाएगा और वृहस्पतिवार को चर्चा के बाद पास होगा वहीं लेखानुदान (आम) सोमवार को बहस के बाद रखा जाएगा और अगले दिन इसे पारित किया जाएगा.
हले की खबरों में बताया गया था कि तेलंगाना विधेयक को पहले लोकसभा में पेश किया जाएगा न कि राज्यसभा में. उपरी सदन के सचिवालय द्वारा इसे धन विधेयक बताने के बाद सरकार ने राष्ट्रपति से फिर से मंजूरी की मांग की.
इससे पहले कहा जा रहा था कि विधेयक को आज राज्यसभा में पेश किया जाएगा. विधेयक को शुक्रवार को केंद्रीय कैबिनेट ने मंजूरी दी थी. योजना के मुताबिक तेलंगाना में दस जिले होंगे जबकि शेष आंध्रप्रदेश में 13 जिले शामिल किए जाएंगे.