बड़े बर्तन में बैठाकर गर्भवती को नदी के पार अस्पताल पहुंचाया, डॉक्टर की लापरवाही ने ले ली बच्चे की जान

बीजापुर (छत्तीसगढ़) : नदी पर पुल और सड़क के अभाव में एक गर्भवती महिला जैसे-तैसे अस्पताल तो पहुंच गयी, लेकिन मेडिकल स्टाफ की लापरवाही के कारण उसके बच्चे की मौत हो गयी. महिला को खाना बनाने वाले एक बड़े बर्तन में बैठाकर उसके परिवार के लोगों ने नदी पार करवाई. इसके बाद 15 किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाया गया. वहां महिला ने मरे हुए बच्चे को जन्म दिया. परिवार के लोगों ने डॉक्टर और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 23, 2020 4:38 PM

बीजापुर (छत्तीसगढ़) : नदी पर पुल और सड़क के अभाव में एक गर्भवती महिला जैसे-तैसे अस्पताल तो पहुंच गयी, लेकिन मेडिकल स्टाफ की लापरवाही के कारण उसके बच्चे की मौत हो गयी. महिला को खाना बनाने वाले एक बड़े बर्तन में बैठाकर उसके परिवार के लोगों ने नदी पार करवाई. इसके बाद 15 किलोमीटर दूर अस्पताल पहुंचाया गया. वहां महिला ने मरे हुए बच्चे को जन्म दिया. परिवार के लोगों ने डॉक्टर और नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाया है.

यह मामला बीजापुर जिले के गोरला का है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार गांव में सड़क नहीं है. एक नदी पार करने के बाद 15 किलोमीटर दूर स्वास्थ्य केंद्र हैं. जहां तक पहुंचने के लिए महिला को बड़े बर्तन में बैठाकर नदी पार करवाया गया. बरसात के दिनों में नदी में पानी ज्यादा भर जाने के बाद यह गांव गोरला ब्लॉक से कट जाता है.

स्थानीय मीडिया के अनुसार मिनकापल्ली निवासी हरीश यालम की पत्नी लक्ष्मी को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोग बड़े बर्तन में बैठाकर चिंतावागु नदी पार कराया. पहले महिला को पहले गोरला लाया गया. वहां से भोपालपट्टनम हॉस्पिटल लेकर गये. लेकिन समय पर उपचार नहीं मिलने पर बच्चे ने गर्भ में ही दम तोड़ दिया. इस मामले की शिकायत की गयी है.

गर्भवती महिला अपने मायके मीनुर में थी. परिजनों का कहना है कि नर्स ने समय पर प्रसव नहीं कराया, जिसकी वजह से बच्चे की जान चली गई. परिजनों ने बताया कि पहले डॉक्टर और नर्स मां-बच्चे के ठीक होने की बात करते रहे. फिर रात के समयनर्स ने बताया कि बच्चा गर्भ में मर चुका है. ये सुनते ही परिवार के लोगों की खुशियां मातम में बदल गयी. बीजापुर के इस मामले को लेकर महिला के परिजनों ने डॉक्टर्स और नर्स पर लापरवाही बरतने और बच्चे की मौत के लिए जिम्मेदार बताया है.

गर्भ में बच्चे की मौत के बाद जब महिला की हालत बिगड़ने लगी तो डॉक्टर को फोन कर बुलाया गया. डॉक्टर ने ऑपरेशन कर बच्चे को बाहर निकाला. महिला की हालत ठीक बतायी जा रही है. ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर डॉ रामटेके ने कहा कि परिजनों ने डॉ गोपी किशन और नर्स के खिलाफ शिकायत की है. दोनों को शो-कॉज नोटिस देकर जवाब मांगा गया है. इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी.

Posted By: Amlesh Nandan Sinha.