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खुशखबरी: भारत में बनी पहली कोरोना वैक्सीन का पीजीआई रोहतक में हुआ ट्रायल, बंधी उम्मीद

भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से बीच एक अच्छी खबर आ रही है. खबर यह है की देश में भारत में बनायी गयी पहली कोरोना वैक्सीन कोवाक्सीन (Covaxin) का ट्रायल काफी तेजी से हो रहा है. देश भर के 50 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दिये जाने के साथ ही पीजीआई रोहतक में इसका पहला फेज के ट्रायल का पार्ट पूरा हो गया है. पीजीआई रोहतक के वैज्ञानिक अब दूसरे फेज के ट्रायल में जुट गये हैं. दूसर फेज के ट्रायल के लिए छह और लोगों को डोज दिया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक ट्राल टीम की प्रमुख खोजकर्ता डॉ सविता शर्मा ने बताया कि वैक्सीन ट्रायल के नतीजे बेहद उत्साहजनक है.

भारत में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण से बीच एक अच्छी खबर आ रही है. खबर यह है की देश में भारत में बनायी गयी पहली कोरोना वैक्सीन कोवाक्सीन (Covaxin) का ट्रायल काफी तेजी से हो रहा है. देश भर के 50 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दिये जाने के साथ ही पीजीआई रोहतक में इसका पहला फेज के ट्रायल का पार्ट पूरा हो गया है. पीजीआई रोहतक के वैज्ञानिक अब दूसरे फेज के ट्रायल में जुट गये हैं. दूसर फेज के ट्रायल के लिए छह और लोगों को डोज दिया गया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक ट्राल टीम की प्रमुख खोजकर्ता डॉ सविता शर्मा ने बताया कि वैक्सीन ट्रायल के नतीजे बेहद उत्साहजनक है.

दिल्ली स्थित एम्स में कोवाक्सिन (Covaxin) वैक्सीन का सबसे बड़ ट्रायल चल रहा है. पहले फेज में एम्स 100 लोगों पर ट्रायल करना है. सूत्रों से मिल जानकारी के अनुसार एम्स में हो रहे ट्रायल को शामिल होने के लिए 3500 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, इनमें से आधे से अधिक लोग दूसरे राज्यों के हैं. दिल्ली में एक और समस्या यह आ रही है कि दिल्ली में रहने वाले अधिकांश वॉलंटियर्स के शरीर में पहले से ही कोरोना के खिलाफ ऐंटीबॉडी मौजूद है. जिसके कारण वे ट्रायल के लिए योग्य नहीं हैं.

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ट्रायल कर रहे डॉक्टर ने बताया कि ट्रायल में शामिल होने वाले वॉलंटियर्स को डायरी दी गयी है और उन्हें मेंटेन करने के लिए कहा गया है. उन्हें कहा गया है कि अलग उन्हें कोई परेशानी महसूस होती है तो उन्हें डायरी में लिखना है. इसके बाद वॉलंटियर को फॉलोअप के लिए सात दिन बाद फिर बुलाया जाएगा. इस बीच वैक्सीन ट्रायल की सभी प्रक्रियाएं की जायेंगी. भारत में बनी पहली कोरोना वैक्‍सीन कोवाक्सिन (Covaxin) का फेज 1 ट्रायल की शुरूआत 15 जुलाई 2020 से शुरू हुआ था .सबसे पहले एम्‍स पटना में इसके ट्रायल की शुरूआत की गयी थी. कोवाक्सिन (Covaxin) एक निष्क्रिय वैक्‍सीन है. यह उन कोरोना वायरस के पार्टिकल्‍स से बनी है जिन्‍हें मार दिया गया था ताकि वे इन्फेक्‍ट न कर पाएं. इसकी डोज से शरीर में वायरस के खिलाफ ऐंटीबॉडीज बनती हैं.

भारत में बनेगी ऑक्सफोर्ड की कोरोना वैक्सीन

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Posted By: Pawan Singh

Prabhat Khabar Digital Desk
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