चंडीगढ़-मोहाली सीमा पर किसानों का प्रदर्शन थमा, CM भगवंत मान ने दिया आश्वासन

सरकार किसानों के सभी मांगों को मानने के लिए तैयार है. अब किसानों को मक्का पर एमएसपी दिया जायेगा और सीएम भगवंत मान ने वादा किया है कि बासमती को अच्छी कीमत पर खरीदा जाएगा.

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 18, 2022 8:02 PM

पंजाब के मोहाली में चल रहे भारतीय किसान यूनियन के धरना स्थल पर पंजाब सरकार के ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल पहुंचे. धालीवाल ने धरना स्थल पर पंजाब सरकार और किसानों के बीच बनी सहमति की घोषणा की. उन्होंने कहा, सरकार किसानों की सभी मांगों को मानने के लिए तैयार है. अब किसानों को मक्का पर एमएसपी दिया जायेगा और सीएम ने वादा किया है कि बासमती को अच्छी कीमत पर खरीदा जाएगा. इसके बाद मंत्री ने किसानों से आंदोलन खत्म करने और अपने-अपने घर लौट जाने की अपील की.

मंत्री ने किसानों के बीच की कई घोषणा

धरना स्थल पर मंत्री कुलदीप धालीवाल ने कहा सीएम भगवंत मान बासमती और मक्के की एमएसपी के साथ गेहूं के बोनस के लिए कंद्रीय गृह मंत्री से मुलाकात करेंगे. किसान 500 रुपये प्रति एकड़ बोनस मांग रहे हैं. मंत्री कुलदीप धालीवाल ने कहा, धान की बुवाई के लिए पूरे पंजाब को 2 जोन में बांटा गया है. जोन किसान नेता बनाकर देंगे. वहीं, 14 और 17 जून को यहां बुवाई होगी, जिसके लिए बिजली 3 दिन पहले से मिलनी शुरू हो जायेगी.


किसान नेताओं के साथ मंत्री धालीवाल करेंगे बैठक

23 मई को किसान नेताओं के साथ ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री कुलदीप धालीवाल बैठक करेंगे. इसकी जानकारी मंत्री ने धरना स्थल पर दी. मंत्री ने कहा, पंचायत की जमीनों को किसानों ने आबाद की है, उन पर कब्जा को लेकर बैठक होगी.

किसान नेताओं ने मांग न मानने पर दी थी चेतावनी

भारतीय किसान यूनियन के नेताओं ने 11 मांगों को लेकर पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला था. किसानों ने विरोध-प्रदर्शन के दौरान कहा था कि पंजाब सरकार उन्हें धान की बुवाई की अनुमति दे. वे मक्का और मूंग के एमएसपी के लिए अधिसूचना भी जारी करवाना चाहते थे. वहीं, किसानों ने राज्य सरकार से बिजली लोड को बढ़ाने पर लगने वाले शुल्क को 4,800 रुपये से घटाकर 1,200 रुपये करने और बकाया गन्ना भुगतान जारी करने की भी मांग की थी. बता दें कि किसान अपनी मांग मनवाने के लिए चंडीगढ़ की ओर कूच किया, मगर पुलिस ने उन्हें मोहाली बार्डर पर रोक दिया था. इसके बाद किसानों ने राज्य सरकार के खिलाफ वहीं धरना शुरू कर दिया था.