MP Election 2023: वृद्धा पेंशन बढ़ाकर किया जाएगा 1,000 रुपये! कांग्रेस ने मध्य प्रदेश में किये ये 3 वादे
MP Election 2023 : मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 18 दिसंबर 2018 से 23 मार्च 2020 तक के अपने शासनकाल की ओर इशारा करते हुए ट्वीट किया. जानें क्या लिखा कांग्रेस के दिग्गज नेता
MP Election 2023 : अगले साल यानी 2023 में मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. इस चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अभी से कमर कस ली है. कांग्रेस अभी से वादे करने में जुट गयी है. मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने सोमवार को घोषणा की है कि अगले साल नवंबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद यदि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो हम वृद्धावस्था पेंशन को 600 रूपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1,000 रूपये महीना करेंगे. आपको बता दें कि अपनी पार्टी की तरफ मतदाताओं को लुभाने के लिए पिछले एक सप्ताह में इस तरह का यह उनका तीसरा ऐलान है.
अभी तक कुल मिलाकर तीन वादे
इससे पहले मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ऐलान किया था कि अगले साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को जीत मिलने पर वह राज्य सरकार के कर्मचारियों के लिए नयी पेंशन योजना की जगह पुरानी पेंशन योजना बहाल करेंगे और प्रदेश के किसानों के लिए कर्ज माफी योजना भी दोबार चालू करेंगे.
कमलनाथ ने क्या किया ट्वीट
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने 18 दिसंबर 2018 से 23 मार्च 2020 तक के अपने शासनकाल की ओर इशारा करते हुए अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि हमने वृद्धावस्था पेंशन को 300 रूपये से बढ़ाकर 600 रुपये किया और हम इसे 1,000 रूपये करने जा रहे थे. सौदेबाजी से हमारी सरकार गिरा दी गयी और बुजुर्गों का 1,000 रूपये महीने पेंशन का हक मारा गया. आगे उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश में (नवंबर 2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद) कांग्रेस सरकार बनते ही हम वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर 1,000 रूपये महीना करेंगे.
हमने वृद्धावस्था पेंशन को ₹300 से बढ़ाकर ₹600 किया और हम इसे 1000 रूपये करने जा रहे थे।
सौदेबाज़ी से हमारी सरकार गिरा दी गई और बुजुर्गों का ₹1000 महीने पेंशन का हक़ मारा गया।
मध्यप्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही हम वृद्धावस्था पेंशन को बढ़ाकर ₹1000 महीना करेंगे।
— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) December 26, 2022
कैसे गिरी थी कमलनाथ की सरकार
यदि आपको याद हो तो वर्ष 2018 में प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने किसानों का दो लाख रूपये तक का कर्ज 10 दिन में माफ करने का ऐलान किया था, जिसके दम पर 15 साल बाद भाजपा को कांग्रेस ने पराजित किया था. कांग्रेस की सरकार प्रदेश में बनी थी. लेकिन 15 महीने बाद मार्च 2020 में 22 विधायकों के इस्तीफे के बाद कांग्रेस नीत कमलनाथ की सरकार गिर गयी और प्रदेश में 23 मार्च 2020 से शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में भाजपा की सरकार फिर बन गयी