भारतीय रेल के इंफ्रास्ट्रक्चर पर निजी कंपनियां दौड़ायेंगी आधुनिक ट्रेन, जानें कब से चलेगी ट्रेन और कैसी होगी सुविधाएं…
Private companies will run modern train on the infrastructure of Indian Railways Amitabh Kant NITI Aayog CEO said on Public-Private Partnership in passenger train operations : नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने आज कहा कि ऐसा देश में पहली बार हो रहा है जब भारतीय रेल के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके निजी कंपनी आधुनिक तकनीक वाली ट्रेन चलायेगी. पैसेंजर ट्रेन के परिचालन में निजी कंपनियों की भागीदारी पर अमिताभ कांत ने आज यह बयान दिया.
नयी दिल्ली : नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने आज कहा कि ऐसा देश में पहली बार हो रहा है जब भारतीय रेल के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके निजी कंपनी आधुनिक तकनीक वाली ट्रेन चलायेगी. पैसेंजर ट्रेन के परिचालन में निजी कंपनियों की भागीदारी पर अमिताभ कांत ने आज यह बयान दिया.
अमिताभ कांत ने कहा कि स्थिति भारतीय रेल के लिए विजय हासिल करने जैसी है. साथ ही यह निवेशकों के लिए भी सुखद है. चूंकि रेलवे के पास यात्रियों की बहुत बड़ी संख्या है इसलिए यात्री व्यवसाय में इंवेस्ट करना उनके लिए लाभदायक होगा.
यात्रियों को रेल सेवा प्रदान करने के लिए 109 गंतव्यों को चिह्नित किया गया है, जिन्हें 151 ट्रेनों की आवश्यकता वाले 12 समूहों में विभाजित किया गया है. इन रूट पर निवेश के लिए उन्हें पारदर्शी प्रतिस्पर्धी बोली लगानी होगी. जिन रूट पर यात्रियों की ट्रैफिक बहुत ज्यादा है उन्हें इनसे अलग रखा गया है और उनके लिए अलग से प्रीमियर पैसेंजर सेवा दी जायेगी.
This creates a win-win situation for Indian Railways as well as investors, by tapping into the potential of huge unmet demand in passenger business: Amitabh Kant, NITI Aayog CEO on Public-Private Partnership in passenger train operations https://t.co/Ytn3vBXH0J
— ANI (@ANI) September 17, 2020
भारत में प्राइवेट ट्रेन चलाने की कवायद अगस्त महीने में तेज हो गयी थी और भारतीय रेलवे ने प्री अप्लीकेशन कॉन्फ्रेंस भी की थी, जिसमें 23 कंपनियां शामिल हुई थीं. योजना अनुसार भारतीय रेलवे ने 151 आधुनिक रेलगाड़ियों का परिचालन 109 मार्गों करेगी. ये नयी ट्रेनें नेटवर्क पर पहले से चल रही ट्रेनों के अतिरिक्त होंगी. रेलवे नेटवर्क पर यात्री रेलगाड़ियां चलाने के लिए निजी निवेश की यह पहली पहल है. इस परियोजना से लगभग 30 हजार करोड़ रुपये का निजी निवेश प्राप्त होने का अनुमान है. बताया जा रहा है कि देश में प्राइवेट ट्रेनों का परिचालन मार्च 2023 से होगा. इसके लिए टेंडर मार्च 2021 तक फाइनल हो जायेगा.
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इन निजी ट्रेनों में इलेक्ट्रॉनिक स्लाइडिंग डोर, सुरक्षा कांच के साथ खिड़कियां, आपातकालीन टॉक-बैक तंत्र, यात्री निगरानी प्रणाली और सूचना एवं गंतव्य बोर्ड होंगे. ये कुछ ऐसी विशेषताएं हैं जो रेलवे ने निजी ऑपरेटरों से इन रेलगाड़ियों के लिए मांग की है. अल्सटॉम ट्रांसपोर्ट इंडिया लिमिटेड, बीईएमएल, भारत फॉर्ग, भेल, बॉमबार्डियर ट्रांसपोर्ट इंजिया, सीएएफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, गेटवे रेल, जीएमआर इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड, हिन्द रेक्टिफायर लिमिटेड, आई-बॉन्ड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, आईआरसीटीसी लिमिटेड, आईएसक्यू एशिया इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों ने प्राइवेट ट्रेन चलाने में रुचि दिखाई है.
Posted By : Rajneesh Anand