पंजाब में भड़का मजदूरों का गुस्सा, अंतिम वक्त पर रद्द हुई ट्रेन, सरकार के खिलाफ लगाये नारे
कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन का सबसे बड़ा खामियाजा प्रवासी मजदूरों को उठाना पड़ रहा है. अपने घरों से दूर दूसरे राज्यों में काम करने गये इन मजदूरों के पास फिलहाल न तो काम है और इनके पास पैसा बचा है
पंजाब के अमृतसर में प्रवासी मजदूरों ने सड़क पर जमकर विरोध प्रदर्शन किया, उनका कहना है कि ट्रेन रद्द हो जाने से वो घर नहीं पहुंच पा रहे हैं. जहां पहले रहे थे उसे खाली कर दिया है. ऐन वक्त पर ट्रेन कैंसिल हो गई. ऐसे में सड़क पर रहने को हम मजबूर हैं.
अमृतसर: ट्रेन कैंसिल होने पर प्रवासी मज़दूरों ने हाईवे पर पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एक मज़दूर ने बताया,'कल हमारा मेडिकल टेस्ट भी हो गया था।हम लोग बस में बैठे लेकिन फिर बोला गया कि ट्रेन कैंसिल हो गया है,हम लोग का कमरा भी खाली करा दिया है,हम लोग रोड पर रह रहे हैं।' pic.twitter.com/wQUu72YmiD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 29, 2020
जी हां, कोरोना वायरस के कारण जारी लॉकडाउन का सबसे बड़ा खामियाजा प्रवासी मजदूरों को उठाना पड़ रहा है. अपने घरों से दूर दूसरे राज्यों में काम करने गये इन मजदूरों के पास फिलहाल न तो काम है और इनके पास पैसा बचा है. हालत ये है कि लॉकडाउन के करीब दो महीने बाद भी ये अपने घर नहीं पहुंच पाये हैं.
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ट्रेन कैंसिल हो जाने पर प्रवासी मज़दूरों ने हाईवे पर पंजाब सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के साथ नारे लगाये. मौके पर मौजूद एक मज़दूर ने कहा कि मेडिकल टेस्ट हो जाने के बाद उन्हें बस में बैठाया गया, लेकिन बस में बैठने पर बताया गया कि ट्रेन कैंसिल हो गया है. मजदूरों का कहना है कि सरकार उन्हें तुरंत घर भेजे. बता दें, प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर कई मुश्किलें आ रही हैं. इसी को लेकर कई जगहों पर मजदूर प्रदर्शन भी कर कर रहे हैं.
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इससे पहले मुंबई में भी ऐसा ही हुआ था. दादर के पास हजारों मजदूर घर वापसी के लिए जमा हुए थे, लेकिन अंतिम वक्त में ट्रेनें रद्द हो जानें से वो घर उस समय नहीं पहुंच पाये थे. गौरतलब है कि प्रवासी मजदूरों की घर वापसी को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई हो रही है. इसके बाद भी मजदूरों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
Posted By : Pritish Sahay