Shiv Sena Foundation Day: ठाकरे का मोदी सरकार पर जोरदार हमला, कहा- सत्ता चलाने के लायक नहीं बीजेपी

शिवसेना स्थापना दिवस: इतिहास में शिवसेना के लिए यह पहला मौका था जब जब पार्टी का दो जगहों पर स्थापना दिवस मनाया गया. पहला एकनाथ शिंदे गट ने मनाया वहीं, दूसरा उद्धव ठाकरे के खेमे में मनाया गया.

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 20, 2023 8:33 AM

Shiv Sena Foundation Day: सोमवार का दिन महाराष्ट्र की राजनीति के लिए काफी उतार-चढ़ाव से भरा हुआ रहा. बता दें 19 जून को महाराष्ट्र की सबसे मजबूत पार्टी मानी जाने वाली शिवसेना का स्थापना दिवस मनाया जाता है. खास बात यह थी कि इस बार पार्टी का दो जगहों पर स्थापना दिवस मनाया गया. पहला पार्टी के फाउंडर बालासाहेब के बेटे उद्धव ठाकरे के खेमे में मनाया गया वहीं, दूसरा ठाकरे परिवार से बगावत कर पार्टी और चुनाव चिह्न अपने नाम कर चुके सीएम एकनाथ शिंदे ने मनाया. स्थापना दिवस के अवसर पर दोनों ने ही एक दूसरे पर जमकर हमला किया.

आप सत्ता चलाने के काबिल नहीं

गद्दार कहे जाने पर एकनाथ शिंदे ने पलटवार किया और कहा कि, आपने बालासाहेब के विचारों से गद्दारी की है. अगर हमने गलती या फिर गद्दारी की होती तो 40 विधायक हमारे साथ शामिल नहीं होते. वहीं, दूसरी तरफ उद्धव ठाकरे ने बीजपी पर अपना निशाना साधा. निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि, बीजेपी सत्ता में है और आज हिंदू खतरे में हैं. इसका मतलब है कि बीजेपी शासन करने के लायक नहीं है. स्थापना दिवस के अवसर पर ठाकरे ने आगे कहा कि, वे बार-बार कहते हैं कि हमने हिन्दुत्व छोड़ दिया है. मुझे याद है जब कांग्रेस सत्ता में थी तो वे कहते थे कि इस्लाम खतरे में हैं. लेकिन, आज बीजेपी सत्ता में है तो कहा जाता है कि हिंदुत्व खतरे में हैं. हिंदू जनाक्रोश मोर्चा निकाला जा रहा है. इसका मतलब यह है कि आप सत्ता चलाने के काबिल नहीं हैं.

मणिपुर नहीं अमेरिका जा रहे पीएम

मणिपुर के हालात पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा, मणिपुर की स्थिति अभी खराब है और इस समय पीएम मोदी अमेरिका दौरे पर जा रहे हैं. मणिपुर में इस समय हालात लीबिया जैसे हैं और राज्य जल रहा है. ऐसे में पीएम को अमेरिका जाना है. ठाकरे ने आगे कहा कि, आप अमेरिका में पैसे देकर इकठ्ठा की गयी भीड़ को प्रवचन देने के लिए जा रहे हैं. लेकिन, मेरे देश का एक राज्य जल रहा है. आप कहते हैं कि आप रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए गए थे. आप इन कहानियों को सच साबित करना चाहते हैं, तो कृपया मणिपुर के लोगों को शांत करें और साबित करें. आप पहले मणिपुर जाइए और देखिये कि मणिपुर की जनता आपका बात सुनती है या नहीं.

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