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31 तक आयकर रिटर्न नहीं दाखिल किया तो होगा नुकसान

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रिटर्न फाइल करने के लिए पैन को आधार से लिंक करना है जरूरी रिफंड में मिलनेवाले ब्याज में होगा नुकसान आयकर विभाग कर सकता है कार्रवाई कोलकाता : आयकर रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. अगर इस तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं किया जाता है, तो नुकसान व दिक्कत का सामना करना […]

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रिटर्न फाइल करने के लिए पैन को आधार से लिंक करना है जरूरी
रिफंड में मिलनेवाले ब्याज में होगा नुकसान
आयकर विभाग कर सकता है कार्रवाई
कोलकाता : आयकर रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है. अगर इस तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं किया जाता है, तो नुकसान व दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है. नाहटा नाहटा एंड एसोसिएट्स (चार्टर्ड एकाउंटेंट्स) की पार्टनर अलका नाहटा ने प्रभात खबर को बताया कि आयकर रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख हालांकि 31 जलाई है, लेकिन उसके बाद भी 31 मार्च 2018 तक अपना आयकर रिटर्न फाइल कर सकते हैं, लेकिन इसमें कुछ नुकसान व दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.
उन्होंने बताया कि आयकर रिटर्न न फाइल कर पाने का मुख्य कारण लोगों में जागरूकता का अभाव है. आयकर रिटर्न दाखिल करने का सबसे पहला चरण है कि आप अपने पैन और आधार को लिंक करायें. आयकर विभाग के नये प्रावधान के अनुसार आधार को पैन के साथ लिंक कराये बिना आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया जा सकता है.
नाहटा नाहटा एंड एसोसिएट्स (चार्टर्ड एकाउंटेंट्स) की पार्टनर अलकानाहटा ने बताया कि 31 जुलाई से पूर्व यदि करदाता अपना रिटर्न दाखिल कर देता है तो वह उस रिटर्न में एक वर्ष तक किसी भी तरह का संशोधन कराया जा सकता है, पर यदि वह 31 जुलाई के बाद रिटर्न दाखिल करता है तो वह उसमें किसी भी तरह का संशोधन या रिवाइज नहीं कराया जा सकेगा.
लॉस नहीं होगा कैरी फॉरवर्ड
विलंब से रिटर्न फाइल करने की स्थिति में कुछ लॉसेस को कैरी फॉरवर्ड नहीं कर सकेंगे. बिजनस या पेशा, कैपिटल गेंस और अन्य किसी स्रोत से होनेवाले नुकसान को कैरी फॉरवर्ड नहीं किया जा सकेगा तथा अगले वर्ष उसे लाभ से भी एडजस्ट नहीं किया जा सकेगा. इससे नुकसान उठना पड़ेगा.
ब्याज में होगा नुकसान
श्रीमती नाहटा ने बताया कि यदि करदाता सिर्फ एक दिन देरी से भी आयकर रिटर्न भरता है तो कम से कम चार महीने (अप्रैल से जुलाई) तक का ब्याज का नुकसान उठाना पड़ सकता है.
यदि 31 जुलाई तक रिटर्न दाखिल करते हैं, तो रिफंड अाने तक अप्रैल से ब्याज मिलेगा, लेकिन 31 जुलाई के बाद रिटर्न दाखिल करने पर जब तक रिटर्न दाखिल किये हैं, उस समय से रिफंड आने तक ही ब्याज मिलेगा. उन्होंने बताया कि अगर रिटर्न फाइन करनेवाला एडवांस टैक्स भुगतान या टीडीएस के लिए भरे रिटर्न में रिफंड क्लेम करता है, तो आयकर विभाग की ओर से मिलने वाले भुगतान पर ब्याज में नुकसान हो सकता है. रिफंड आमतौर पर असेसमेंट ईयर एक अप्रैल से लेकर रिफंड जारी करने की तरीख तक दिया जाता है.
आयकर विभाग कर सकता है कार्रवाई
श्रीमती नाहटा ने कहा कि अगर आपकी ओर से कोई टैक्स देना बाकी है और इस स्थिति में आप देरी से रिटर्न फाइल करते हैं तो डेडलाइन के बाद से रिटर्न फाइल करने की तारीख तक 1 फीसदी की दर से जुर्माना लगेगा.

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