बीजिंग : चीन ने अमेरिका की कार्रवाई पर जवाबी कदम उठाते हुए 60 अरब डॉलर के अमेरिकी सामानों पर सोमवार को आयात-शुल्क बढ़ा दिया. इससे पहले अमेरिका ने चीन के 200 अरब डॉलर के सामानों पर शुल्क बढ़ाया था. चीन सरकार ने कहा है कि वह विदेशी दबाव के आगे नहीं झुकेगी. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग को चेतावनी दी कि यदि चीन ने उसके साथ व्यापार समझौता नहीं किया तो वह बुरी तरह से प्रभावित होगा.
उसके कुछ ही घंटे बाद चीन के वित्त मंत्रालय ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कहा कि अमेरिका के आने वाले 60 अरब डॉलर के विभिन्न प्रकार के माल पर प्रशुल्क बढ़ाकर क्रमश: 25, 20 और 10 फीसदी किया जायेगा. चीन ने इसे अमेरिका की एकतरफा प्रशुल्कीय कार्रवाई के जवाब में उठाया गया कदम बताया है. मंत्रालय ने बयान में कहा कि चीन को उम्मीद है कि अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार वार्ता की सही पटरी पर लौटेगा, चीन के साथ काम करेगा और आपसी सम्मान एवं बराबरी पर आधारित दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद समझौता करेगा.
दोनों देशों के बीच पिछले साल अप्रैल में व्यापार युद्ध शुरू हुआ था. इसके बाद दोनों पक्षों ने गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की शुरुआत की थी. हालांकि, 11वें दौर की बातचीत के बेनतीजा समाप्त होने के बाद अमेरिका ने चीन के 200 अरब डॉलर के सामानों पर शुक्रवार से अतिरिक्त शुल्क लगा दिया. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले साल चीन ने अमेरिका को 539.50 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि अमेरिका का चीन को निर्यात महज 120 अरब डॉलर था.
Disclaimer: शेयर बाजार से संबंधित किसी भी खरीद-बिक्री के लिए प्रभात खबर कोई सुझाव नहीं देता. हम बाजार से जुड़े विश्लेषण मार्केट एक्सपर्ट्स और ब्रोकिंग कंपनियों के हवाले से प्रकाशित करते हैं. लेकिन प्रमाणित विशेषज्ञों से परामर्श के बाद ही बाजार से जुड़े निर्णय करें.