छात्र और सजा
अरुणाचल प्रदेश में एक गर्ल्स स्कूल की 88 छात्राओं को सजा के तौर पर तीन शिक्षकों ने अपने कपडे उतारने के लिए मजबूर किया. छात्राओं को सजा देने का यह तरीका गलत और शर्मनाक है. उन्हें उनकी गलती का एहसास दिलाने के लिए कोई दूसरी सजा भी की जा सकती थी. वे छात्राएं हैं, कोई […]
अरुणाचल प्रदेश में एक गर्ल्स स्कूल की 88 छात्राओं को सजा के तौर पर तीन शिक्षकों ने अपने कपडे उतारने के लिए मजबूर किया. छात्राओं को सजा देने का यह तरीका गलत और शर्मनाक है. उन्हें उनकी गलती का एहसास दिलाने के लिए कोई दूसरी सजा भी की जा सकती थी.
वे छात्राएं हैं, कोई बड़ा गुनाहगार नहीं, इस बात का भी यहां विचार नहीं हुआ. इससे छात्राओं के मन में शिक्षक के प्रति आदर कैसे रह सकता है? किसी भी छात्रा की गरिमा के साथ छेड़छाड़ करना गलत है. शिक्षकों द्वारा उठाया गया हर कदम छात्र के कल्याण के लिए होना चाहिए. उसके लिए छात्रों संग अच्छा व्यवहार महत्वपूर्ण है.
जयेश राणे, मुंबई, महाराष्ट्र