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नवरात्र विशेष : इन छ: रोगों से ग्रसित मरीज भूल के भी न करें उपवास और करें तो रखें इसका ध्यान

डॉ रागिनी ज्योति बीएचएमएस, आदर्श होमियो क्लीनिक, राजीव नगर, पटना मो: 8434371215 उपवास मेडिकली भी अच्छा है माना जाता है. यह टॉक्सिन्स से मुक्ति दिलाता है. उपवास से उस जगह के फैट बर्न होते हैं, जहां टॉक्सिन्स जमा होते हैं.उपवास यदि नियोजित डाइट के साथ हो, तो यह ल्यूपस, ऑर्थराइटिस और गंभीर त्वचा रोग जैसे […]

डॉ रागिनी ज्योति

बीएचएमएस, आदर्श होमियो क्लीनिक, राजीव नगर, पटना

मो: 8434371215

उपवास मेडिकली भी अच्छा है माना जाता है. यह टॉक्सिन्स से मुक्ति दिलाता है. उपवास से उस जगह के फैट बर्न होते हैं, जहां टॉक्सिन्स जमा होते हैं.उपवास यदि नियोजित डाइट के साथ हो, तो यह ल्यूपस, ऑर्थराइटिस और गंभीर त्वचा रोग जैसे सोराइसिस और एक्जिमा जैसे रोगों से मुक्ति मिल सकती है. यह उन लोगों के पाचन मार्ग के घावों को भरने में मदद करता है, जिन्हें अल्सरेटिव कोलाइटिस और क्रोहन्स डिजीज (crohn’s disease) हो.

उपवास के दौरान रखें विशेष ख्याल : उपवास के दौरान सीने की जलन पर भी नजर रखें. इस दौरान जब आप भोजन के बारे में सोचते हैं या भोजन की गंध लेते हैं, तब आमाशय अधिक एसिड का उत्पादन करने लगती है. इसलिए यदि अपचन की दवा लेते हों, तो उसे लेते रहें. उपवास के समय डिहाइड्रेशन का सामना भी करना पड़ता है.

इसलिए अतिरिक्त जल और तरल पदार्थ लें. अगर आप नियमित रूप से व्यायाम नहीं करेंगे या कब्ज उत्पन्न करने में सहायक भोज्य पदार्थों का सेवन करेंगे, तो कब्ज की शिकायत हो सकती है.

उपवास के दौरान आपके आहार और जीवनशैली में बदलाव आता है और ध्यान न दिये जाने से स्थिति बिगड़ सकती है. उपवास से जुड़ी स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों की जानकारी ले लें. डॉक्टर से शूगर लेवल व बीपी नॉर्मल जांच करा लें, तभी उपवास करें. डायबिटीज और हाइ बीपी को नियंत्रित रखने के लिए दवाई का सेवन करनेवाले, 40 से अधिक उम्रवाले या लंबे समय उपवास पर रहनेवाले लोगों को भी पेशाब व खून की जांच करा लेने चाहिए.

उपवास से आपके शरीर में बननेवाले टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं, इसलिए विशेष रूप से शुरुआत में आपको कमजोरी और बीमारी का अनुभव हो सकता है.

कौन न करे उपवास

बच्चों को उपवास नहीं करना चाहिए. कुछ अन्य क्रॉनिक बीमारीवाले मरीजों को भी उपवास नहीं करना चाहिए.

मधुमेह के मरीज : पूरे दिन भूखा रहने से डायबिटीज के मरीजों में लो ब्लड शूगर का खतरा बढ़ जाता है.

हाइ बीपी के मरीज : भूखे रहने पर हाइ बीपी में बॉडी सिस्टम बिगड़ जाता है, जिससे जान खतरे में पड़ सकती है. लंग्स की समस्या हो, तो भी फास्ट न रखें.

दिल के मरीज : दिल के मरीज को खान-पान का विशेष ख्याल रखना पड़ता है. व्रत के दौरान पूरा दिन भूखा रहने व शाम को अचानक खाने से कोलेस्ट्रॉल और बीपी के बढ़ने का खतरा होता है, जो घातक हो सकता है.

एनिमिया के मरीज : जिन लोगों के शरीर में खून या हीमोग्लोबिन की कमी हो, उन्हें उपवास नहीं रखना चाहिए. इससे शरीर में कमजोरी व थकान होगा.

किडनी से जुड़ी बीमारी : पूरे दिन भूखा रहने से किडनी पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे किडनी के डैमेज होने का खतरा बढ़ जाता है. कई बार किडनी के फेल होने की स्थिति भी आ सकती है.

सर्जरी के मरीज : जिनकी हाल में सर्जरी हुई हो, उन्हें भी उपवास नहीं रखना चाहिए. ऑपरेशन के बाद बॉडी को अतिरिक्त मिनरल्स और विटामिन्स की जरूरत होती है, जो केवल सात्विक खाने से प्राप्त नहीं हो सकता है. अगर आप नॉनवेज न भी खाना चाहें, तो भी हेल्दी डाइट और दवाई खाने की जरूरत होगी ही.

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