Shani Jayanti Puja Vidhi, Timing, Shani Ki Dhaiya, Shani Ki Sadesati, Rashifal, Upay, Totke: सूर्य पुत्र शनि का जन्म ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि को हुआ था. यही कारण है कि 10 जून 2021, गुरुवार को शनि जयंती मनाई जा रही है. शनि देव को कर्मों के फल दाता भी माना गया है. साथ ही साथ कुछ लोग उन्हें क्रूर देवता के रूप में भी देखते हैं. ऐसे में आइए आपको बताते हैं कि इस शनि जयंती पर भूलकर भी कौन से कार्य नहीं करने चाहिए…
गौरतलब है कि शनिदेव की कृपा जिन पर होती है. उन्हें सुख-सुविधाएं, धन-दौलत की कभी कमी नहीं होती. साथ ही साथ उनके कोई भी कार्य अटकते नहीं. लेकिन, जिन पर उनकी वक्र दृष्टि होती है उन्हें या आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से व्यक्ति परेशान रहता है.
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शनि जयंती ही नहीं किसी भी दिन भी किसी भी असहाय या कमजोर व्यक्ति को सताना नहीं चाहिए. आपके कर्मों को देखकर उसी के अनुसार फल देने वाले देवता ही है शनिदेव.
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शनि जयंती के दिन भूलकर भी मांस, मछली, मदिरा आदि का सेवन नहीं करना चाहिए. वरना उनके प्रकोप को झेलना पड़ सकता है.
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शनि जयंती के दिन घर में लोहे, कांच, तेल, उड़द व लकड़ी से बनी सामग्री खरीदने की भूल न करें. वरना आर्थिक रूप से तंगी का सामना करना पड़ सकता है.
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शनि जयंती के दिन पीपल, तुलसी के पत्ते, बेलपत्र आदि भूलकर भी नहीं तोड़ना चाहिए. इससे शनिदेव क्रोधित हो सकते हैं.
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बाल और नाखून शनि जयंती के दिन भूलकर भी नहीं कटवाना चाहिए.
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ऐसी मान्यता है कि इस दिन जूते-चप्पल की खरीदारी करना भी अशुभ होता है.
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शनि देव के बिल्कुल सामने खड़े होकर पूजा ना करें. साथ ही साथ उनके आंखों में आंखें डाल कर भी पूजा न करें. ऐसा करने से उनकी वक्र दृष्टि का सामना करना पड़ सकता है.
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पूजा करने के बाद भी शनि भगवान को पलट कर देखना अनिष्ट माना गया है. हमेशा सिर झुका कर ही उनके समक्ष पूजा करना चाहिए.
Posted By: Sumit Kumar Verma