आईपीएल दो के दौरान किये गये भुगतान वैध थेः बीससीसीआई

नयी दिल्ली: बीसीसीआई ने आज इन आरोपों को खारिज किया कि उसने दक्षिण अफ्रीका में 2009 में आईपीएल के आयोजन में भारत के विदेशी मुद्रा विनिमयन का उल्लघंन किया. उसने जोर देते हुए कहा कि उसके द्वारा किये गये सभी भुगतान वैध थे.मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | September 21, 2013 6:12 PM

नयी दिल्ली: बीसीसीआई ने आज इन आरोपों को खारिज किया कि उसने दक्षिण अफ्रीका में 2009 में आईपीएल के आयोजन में भारत के विदेशी मुद्रा विनिमयन का उल्लघंन किया. उसने जोर देते हुए कहा कि उसके द्वारा किये गये सभी भुगतान वैध थे.मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रवर्तन निदेशालय ने क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका को 283 करोड़ रुपये और आईपीएल के आयोजन की सेवाओं के लिये आईएमजी को 88.48 करोड़ रुपये की छूट देकर फेमा के उल्लघंन के लिये बीसीसीआई को नोटिस जारी किये थे.

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए बोर्ड ने कहा, ‘‘रिपोर्ट में 1600 करोड़ रुपये के उल्लघंन गुमराह करने वाला है. ’’ बीसीसीआई सचिव संजय पटेल ने बयान में कहा, ‘‘बीसीसीआई स्पष्ट करना चाहता है कि इन तरह के कारण बताओ नोटिस जुलाई 2011 और अक्तूबर 2011 में जारी किये गये थे और बीसीसीआई ने इन आरोपों को खारिज करते हुए विस्तृत जवाब दिया था. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘बीसीसीआई यह भी साफ करना चाहता है कि रिपोर्ट में 1600 करोड़ रुपये का उल्लघंन की बात गुमराह करने वाली है. इन नोटिस में सीएसए और आईएमजी को दी गयी कुल विदेशी मुद्रा विनिमय राशि केवल 283 करोड़ रुपये की थी लेकिन फेमा के प्रावधानों में मिली छूट को मिलाकर यह राशि बनती है. ’’ पटेल ने कहा, ‘‘बीसीसीआई दोहराता है कि ये भुगतान वैध और प्रमाणिक थे. ’’आईएमजी को किये गये भुगतान के बारे में पटेल ने कहा, ‘‘आईपीएल दो 2009 में दक्षिण अफ्रीका में कराया गया क्योंकि भारत सरकार जरुरी सुरक्षा इंतजाम करने में असक्षम थी. सरकार के ज्यादातर सुरक्षा बल चुनाव के लिये नियुक्त थे. ’’

पटेल ने कहा, ‘‘आईपीएल दो को रद्द करने के बजाय बीसीसीआई ने इस टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका में कराने का फैसला किया. इससे भारत की प्रतिष्ठा को नुकसान होता और प्रसारण अधिकार के तरीके से विदेशी मुद्रा विनियमन की आय का भी नुकसान होता. ’’ पटेल ने कहा कि सीएसए के साथ समझौता उसी तरह किया गया था, जैसे आईसीसी के साथ किया जाता है जिसमें मेजबान देश संघ अंतरराष्ट्रीय मैचों का आयोजन करती है.

उन्होंने कहा, ‘‘सीएसए इस तरह के मैच पहले भी आईसीसी के लिये आयोजित कर चुका था. बीसीसीआई ने इसी आधार पर भारत में आईसीसी के लिये मैच आयोजित किये.

’’पटेल ने कहा, ‘‘ये भुगतान आरबीआई द्वारा लाइसेंस प्राप्त एक राष्ट्रीयकृत बैंक जैसे अधिकृत डीलर के जरिये किये गये थे जिसे सारे जरुरी दस्तवेज और सूचनायें मुहैया करायी गयी थीं जिसमें से कोई भी गलत नहीं थी. ’’उन्होंने कहा, ‘‘बीसीसीआई ने कहा है कि ऐसा कोई भी आरोप नहीं है कि ये भुगतान किसी व्यक्ति को फायदा पहुंचाने के लिये किये गये या इससे भारत को विदेशी मुद्रा विनिमय में नुकसान हो.’’पटेल ने कहा, ‘‘बीसीसीआई दोहराना चाहता है कि वह भारत के कानूनों का पूरी तरह से पालन करता है. ’’

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