जब कोहली ने कहा, ”दिल से मत ले यार”

बेंगलुरु : भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका से स्पिन की अनुकूल पिचों पर खेलने को लेकर किसी भी तरह की आलोचना को दिल से लगाने की जरुरत नहीं है. उन्होंने साथ ही कहा कि ये नतीजा देने वाली पिचें हैं जो टेस्ट प्रारुप में कम होते दर्शकों को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 13, 2015 4:53 PM

बेंगलुरु : भारत के टेस्ट कप्तान विराट कोहली का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका से स्पिन की अनुकूल पिचों पर खेलने को लेकर किसी भी तरह की आलोचना को दिल से लगाने की जरुरत नहीं है. उन्होंने साथ ही कहा कि ये नतीजा देने वाली पिचें हैं जो टेस्ट प्रारुप में कम होते दर्शकों को दोबारा मैदान पर खींचकर लाएंगी.

कोहली से जब यह पूछा गया कि उनकी कप्तानी में टेस्ट मैचों में जीत की हैट्रिक पर क्या मोहली के विकेट की प्रकृति हावी रही तो उन्‍होंने सीधा जवाब देते हुए कहा, ‘‘यह तब ही निराशाजनक होता है जब आप जो लिखा या कहा जाए उसे दिल से लगा लेते हो और इसके बारे में काफी अधिक सोचते हो. हम प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हैं और इस बारे में नहीं सोचते कि क्या लिखा या कहा जा रहा है.
तथ्य यह है कि हमने टेस्ट मैच जीता और टीम के रुप में हम इससे अच्छा महसूस कर रहे हैं.’ कल से यहां शुरु हो रहे दूसरे टेस्ट की पूर्व संध्या पर कोहली ने कहा, ‘‘हम बाहरी चीजों को लेकर या अपने नियंत्रण से बाहर की चीजों को लेकर हो रही चर्चा से चिंतित नहीं हैं. अगर किसी को कोई चीज अपनी रुचि के अनुसार लगती है और वह इस बारे में कुछ कहता या लिखता है तो यह उनकी पसंद है.
यह हम पर निर्भर करता है कि हम इसे दिल से लगाते हैं या चुपचाप बैठ जाते हैं और निराश महसूस करते हैं. हम बिलकुल भी निराश नहीं हैं. हमने क्रिकेट का मैच जीता है. हम इसे लेकर काफी खुश हैं.’ पहले टेस्ट में काफी दर्शन मैदान पर नहीं पहुंचे और कप्तान ने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि नतीजा देने वाली विकेट ही दर्शकों को मैदान पर लेकर आएंगी.
कोहली ने कहा, ‘‘हमें खुश होना चाहिए हमें नतीजा देने वाली पिचें मिल रही हैं क्योंकि तब अधिक लोग मैच देखने आएंगे. इसकी जगह पिच की आलोचना करने और यह कहने का कोई मतलब नहीं है कि यह उचित नहीं है.’ भारतीय कप्तान ने कहा कि खिलाडियों का मैच पर ध्यान इतना अधिक रहता है कि मैच के दौरान अन्य चीजें बेमानी हो जाती हैं.
उन्होंने कहा, ‘‘हम इससे बेहद दुखी नहीं होते कि काफी अधिक लोग इस टेस्ट मैच को देखने नहीं आ रहे. बेशक, आपको दर्शकों से पूरी तरह से भरे स्टेडियम में खेलना पसंद है लेकिन अंत में आपका ध्यान आपको फेंकी जा रही गेंद पर रहता है और एक गेंदबाज के रुप में आपका ध्यान इस पर होता है कि आपको कैसी गेंद फेंकनी है. हमें उम्मीद है कि इस टेस्ट मैच को देखने अधिक लोग आएंगे क्योंकि यह रोमांचक श्रृंखला हैं, दो रोमांचक और काफी मजबूत टीमों के बीच.’
कोहली ने कहा कि एडिलेड में पहली बार टीम की कप्तानी करने के बाद से उनकी मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है लेकिन समय के साथ उन्होंने अपनी गलतियों का आकलन करना सीख लिया है. भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया है. हो सकता है कि गलतियों से सबक सीखा हो. उस दिन एडिलेड में हम टेस्ट जीतना चाहते थे और हम बेंगलुरु में भी ऐसा ही करेंगे.
मानसिकता वही रहेगी लेकिन आप बैठकर अपनी गलतियां खोज सकते हो और आगे बढने के साथ इनमें सुधार कर सकते हो.’ उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह बल्लेबाजी करते हुए मानसिकता में बदलाव नहीं आता लेकिन आप गलतियों में सुधार करते हो और आगे बढ़ते हो.’ मोहाली में आसान जीत के दौरान चेतेश्वर पुजारा और मुरली विजय ने शानदार प्रदर्शन किया और कोहली ने कहा कि उन्हें दोनों पर गर्व है.
उन्होंने कहा, ‘‘उन दोनों (पुजारा और विजय) ने पिछले मैच में जिस तरह बल्लेबाजी की उससे हम सभी को उन पर काफी गर्व है. उन्हें जिस तरह बल्लेबाजी की उससे हम काफी कुछ सीख सकते हैं. हमारे बल्लेबाजों ने उस तरह जज्बा नहीं दिखाया जिस तरह दिखाना चाहिए था और हमें यह पता है. लेकिन उन दोनों ने जिस तरह बल्लेबाजी की उनसे श्रेय नहीं छीन रहे. मुझे लगता है कि उन्‍होंने हमें मैच में बनाए रखा ओर यह काफी महत्वपूर्ण है कि दोनों खिलाड़ी प्रत्येक पारी में खड़े रहे. दोनों पारियों में उनका योगदान हमारे लिए बेहद अहम था.’

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