बल्लेबाजों के निराशाजनक प्रदर्शन से भारत को शुक्रवार को यहां महिला एशिया कप टी20 क्रिकेट मैच में पाकिस्तान से 13 रन से हार का सामना करना पड़ा. इससे पाकिस्तान ने चिर प्रतिद्वंद्वी भारत पर छह वर्षों में पहली जीत हासिल की. एशिया की सबसे मजबूत टीमों में शुमार भारत का बल्लेबाजी प्रदर्शन निराशाजनक रहा जिससे पूरी टीम पाकिस्तान द्वारा बनाये गये छह विकेट पर 137 रन के स्कोर का पीछा करते हुए 19.4 ओवर में महज 124 रन पर सिमट गयी.
वहीं, पाकिस्तान के लिये शानदार वापसी रही जिसे 24 घंटे से भी कम समय पहले थाईलैंड से हार का सामना करना पड़ा था. भारत की आधी टीम 65 रन के स्कोर पर पवेलियन पहुंच चुकी थी, उसे हर तरह की समस्या का सामना करना पड़ा. जिसमें स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना (19 गेंद में 17 रन) सहित ज्यादातर खिलाड़ियों ने अपना विकेट आसानी से गंवा दिया. इस मैच से पहले भारत का पाकिस्तान पर जीत का रिकॉर्ड 10-2 था.
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पाकिस्तान ने इससे पहले भारत पर जीत 2016 में नयी दिल्ली में टी20 विश्व कप के दौरान हासिल की थी. पूजा वस्त्राकर खराब क्षेत्ररक्षण पर एक रन चुराने के प्रयास में रन आउट हो गयीं जबकि दयालन हेमलता (22 गेंद में 20 रन) ने अच्छी शुरुआत का फायदा नहीं उठाकर अपनी टीम को निराश किया. हरमनप्रीत कौर की फिटनेस पर भी सवाल उठे क्योंकि वह सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं और सस्ते में आउट हो गयीं.
मैच के बाद निराश हरमनप्रीत ने कहा, ‘क्रीज पर हम अन्य बल्लेबाजों को मौका देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन मुझे लगता है कि आज यह महंगा पड़ गया. इस लक्ष्य को हासिल किया जा सकता था. मध्य के ओवरों में हम स्ट्राइक रोटेट नहीं कर सके.’ भारत को अंतिम छह ओवर में 61 रन की जरूरत थी. ऋचा घोष (13 गेंद में 26 रन) ने स्पिनरों के खिलाफ तीन छक्के जड़कर भारतीय टीम को मैच में वापसी करायी लेकिन वह 19 ओवर में डीप में कैच आउट हुई. उनके आउट होने से भारतीय उम्मीदें भी समाप्त हो गयीं.
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इससे पहले पाकिस्तानी बल्लेबाजों का चिर प्रतिद्वंद्वी भारत के खिलाफ यह बेहतर प्रदर्शन रहा. उसने निदा दार के नाबाद अर्धशतक से छह विकेट पर 137 रन ही बनाये. निदा ने अपने पांवों का अच्छा इस्तेमाल किया, विशेषकर स्पिनरों के खिलाफ. उन्होंने 37 गेंद की अपनी पारी में पांच चौके और एक छक्के की मदद से नाबाद 56 रन बनाये. उनके अलावा पाकिस्तान की कप्तान बिसमाह मारूफ ने 32 रन का योगदान दिया. इन दोनों ने 58 गेंद में 76 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी भी निभायी. भारतीय गेंदबाजों में दीप्ति शर्मा सबसे सफल रहीं जिन्होंने चार ओवर में 27 रन देकर तीन विकेट चटकाये.