नयी दिल्ली : इस सत्र में तीन फाइनल खेलने के बावजूद खिताब से वंचित रही पी वी सिंधू चीन में होने वाली विश्व चैम्पियनशिप और इंडोनेशिया में एशियाई खेलों में नये सिरे से शुरूआत करेगी. रियो ओलंपिक 2016 में रजत पदक जीतने के बाद से सिंधू शानदार फार्म में है. पिछले साल वह छह फाइनल में पहुंची और तीन खिताब जीते. वह विश्व चैम्पियनशिप, हांगकांग ओपन और दुबई सुपर सीरिज में फाइनल में हार गयी.
इस साल वह इंडिया ओपन, राष्ट्रमंडल खेल और थाईलैंड ओपन में फाइनल में पहुंची लेकिन हार गयी. उसने कहा ,‘ मैं जानती हूं कि कुछ समय से फाइनल हार रही हूं . हर बात का सकारात्मक और नकारात्मक पहलू होता है . क्वार्टर फाइनल या सेमीफाइनल में हारने पर आप उन गलतियों से सीखते हैं . आप अच्छा खेल रहे हैं लेकिन आखिरी बाधा पार नहीं कर पा रहे.’ सिंधू ने कहा ,‘ मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि फाइनल में पहुंचना जीतने के बराबर ही है.
पहले या दूसरे दौर में हारना बुरा है. फाइनल में कुछ भी हो सकता है.’ सिंधू भारतीय टीम के साथ शनिवार को चीन रवाना होगी जहां 30 जुलाई से विश्व चैम्पियनशिप खेली जानी है. उसने कहा ,‘मैं विश्व चैम्पियनशिप में अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं. मेरी तैयारी अच्छी है. फिर एशियाई खेल भी है जिसमें भी मैं अच्छा प्रदर्शन करना चाहती हूं . विश्व चैम्पियनशिप में ड्रा कठिन होगा लिहाजा उसे हलके में नहीं ले सकते .’ एशियाई खेलों के बारे में उसने कहा ,‘ एशियाई खेल कठिन होंगे लेकिन मुझे लगता है कि इसका स्तर किसी अन्य सुपर सीरिज टूर्नामेंट की तरह होगा.
कैरोलिना मारिन के अलावा सारे एशियाई खिलाड़ी इसमें होंगे.’ इस साल अपने प्रदर्शन के बारे में उसने कहा , मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं. यह साल अच्छा रहा है . मैं राष्ट्रमंडल खेल फाइनल तक पहुंची लेकिन थकान मुझ पर हावी हो गई थी. मैंने पिछली बार कांस्य जीता था तो इस बार रजत अच्छा है. उम्मीद है अगली बार पीला तमगा जीतूंगी.’