मोकामा में रंगदारी वसूलने के लिए पुल निर्माण साइट पर फायरिंग, मजदूरों में दहशत, दो गिरफ्तार

मोकामा : बिहार के मोकामा क्षेत्र के घोसवरी के कुम्हरा और करकाईन के बीच बन रहे पुल निर्माण साइट पर रंगदारी के लिए फायरिंग की घटना के बाद मजदूर अभी भी डरेे हुए हैं . मंगलवार देर रात घोसवरी के कुम्हरा और करकाइन के बीच धनाईन नदी पर पुल बना रही बेगूसराय की जय माता […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 8, 2016 6:24 AM
मोकामा : बिहार के मोकामा क्षेत्र के घोसवरी के कुम्हरा और करकाईन के बीच बन रहे पुल निर्माण साइट पर रंगदारी के लिए फायरिंग की घटना के बाद मजदूर अभी भी डरेे हुए हैं . मंगलवार देर रात घोसवरी के कुम्हरा और करकाइन के बीच धनाईन नदी पर पुल बना रही बेगूसराय की जय माता दी कंस्ट्रक्शन कंपनी से अपराधियों ने रंगदारी मांगी थी और रंगदारी नहीं देने पर साइट पर गोलीबारी भी की थी.गोलीबारी की घटना के बाद कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा घोसवरी थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी.
प्राथमिकी में कुम्हरा के कुख्यात अपराधी सरगना धुरी यादव और उसके शागिर्द रोहन यादव को नामजद किया गया था. पुलिस ने कंस्ट्रक्शन कंपनी की शिकायत पर धुरी यादव को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन रोहन यादव अब भी फरार है. हालांकि , पुलिस उस हथियार को बरामद नहीं कर पायी है, जिससे फायरिंग की गयी थी.
गौरतलब है कि घोसवरी में पुल बना रही कंस्ट्रक्शन कंपनी से छह महीना पहले भी रंगदारी मांगी गयी थी. उस वक्त भी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुंशी के द्वारा घोसवरी थाना में मामला दर्ज कराया गया था, लेकिन पुलिस हाथ- पर- हाथ धरे बैठी रही. तीन महीना निर्माण कार्य बाधित रहा. 10 दिन पूर्व कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पुल निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया और फिर बदमाशों ने दहशत फैलाने की नीयत से फायरिंग की ताकि मजदूर किसी तरह भाग जाएं और पुल निर्माण कार्य रुक जाये. पुलिस द्वारा छापामारी तो की गयी है, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है.बेगूसराय की कंस्ट्रक्शन कंपनी जिस जगह पर पुल बना रही है वहां पर मजदूरों की सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स की भी तैयारी नहीं की गयी है, जबकि कई बार न सिर्फ रंगदारी मांगी गयी थी, बल्कि रोजाना आकर अपराधी मजदूरों और मुंशी के साथ गाली- गलौज करते हैं.
कंस्ट्रक्शन कंपनी के मुंशी अवलेंद्र उर्फ कारु ने बताया कि कई बार अपराधी आकर कालर पकड़ लेते हैं और डराते धमकाते, गाली-गलौज करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की. कंस्ट्रक्शन कंपनी के एमडी अमर सिंह ने बताया कि पहले भी पुलिस को कई बार सूचना दी गयी थी. छह महीना पहले भी प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अमर सिंह ने कहा कि पुलिस यदि सक्रिय रहती और मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई कारगर कदम उठाया जाता, तो इस तरह की घटना नहीं होती. घोसवरी पुलिस ने धुरी यादव को गिरफ्तार करने की पुष्टि तो की है, लेकिन मजदूरों की सुरक्षा का कोई ठोस इंतजाम अभी भी नहीं हो पाया है.

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