फाईल 26, अररिया की खबरें.

फाईल 26, अररिया की खबरें. पीएमइजीपी सलाहकार समिति की बैठक में शामिल हुए सांसद, बैंकों को दी नसीहतरोजगार सृजन व आर्थिक सशक्तिकरण में दें अपना योगदानस्थानीय परिवेश के हिसाब से उद्यमों को दें बढ़ावा पीएमइजीपी ऋण में बैंक बरत रहे कोताहीफोटो-17- बैठक में समीक्षा करते सांसद तसलीमुद्दीन प्रतिनिधि, अररियासोमवार को डीआरडीए सभा भवन में हुई […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 28, 2015 8:21 PM

फाईल 26, अररिया की खबरें. पीएमइजीपी सलाहकार समिति की बैठक में शामिल हुए सांसद, बैंकों को दी नसीहतरोजगार सृजन व आर्थिक सशक्तिकरण में दें अपना योगदानस्थानीय परिवेश के हिसाब से उद्यमों को दें बढ़ावा पीएमइजीपी ऋण में बैंक बरत रहे कोताहीफोटो-17- बैठक में समीक्षा करते सांसद तसलीमुद्दीन प्रतिनिधि, अररियासोमवार को डीआरडीए सभा भवन में हुई प्रधानमंत्री रोजगार सृजन की जिला सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए सांसद तसलीमुद्दीन ने बैंकों से कहा कि वे प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण देने में सकारात्मक रवैया अपनायें. ताकि युवाओं व बेरोजगारों का आर्थिक सशक्तिकरण हो सके. मिली जानकारी के अनुसार सरकारी योजनाओं में बैंकों द्वारा किये जा रहे वित्त पोषण की पोल भी सोमवार की बैठक में खुल कर सामने आ गयी. ये बात खास तौर पर सामने आयी कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत ऋण देने में बैंकों का रवैया बहुत ढीला ढाला है. एडीपीआरओ गुप्तेश्वर कुमार व एलडीएम आरएस मुंडा से मिली जानकारी के अनुसार जिले भर की बैंक शाखाओं को पीएमजीइपी के तहत जिला उद्योग कार्यालय द्वारा कुल 99 आवेदन भेजे गये थे. पर कुल 27 आवेदकों को ही बैंकों ने कुल मिला कर एक करोड़ 33 लाख 50 हजार का ऋण दिया है.बाकी कुछ आवेदन या तो बैंकों में पड़े हैं. या फिर जिला उद्योग कार्यालय को लौटा दिया गया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम हिमांशु शर्मा ने कहा कि लौटाये गये आवेदनों की जांच होगी. अगर आवेदन अस्वीकृत करने का ठोस आधार नहीं हुआ तो उन्हें दोबारा बैंकों को ऋण स्वीकृति के लिए भेजा जायेगा. बताया जाता है कि बैंकों की कार्यशैली पर डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी आवेदन एक माह में निष्पादित हो जाने चाहिए. मनमाने ढंग से आवेदनों को अस्वीकृत नहीं किया जा सकता है. उन्होंने बैंक अधिकारियों से कहा कि शिक्षा ऋण के मामले में भी बैंकों को अपना रवैया बदलना होगा. ये सुनिश्चित करना होगा कि शिक्षा ऋण के लिए छात्र-छात्राओं को बिना वजह बार बार बैंकों का चक्कर लगाना न पड़े. बताया जाता है कि उन्होंने बैंक अधिकारियों से ये भी कहा कि ऋण मामले में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होनी चाहिए. बैंक अधिकारी इसका खास ख्याल रखें. उन्होंने स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को भी ऋण देने में सक्रिय भूमिका अदा करने का निर्देश दिया.बताया गया कि सांसद तसलीमुद्दीन ने जिला उद्योग केंद्र व बैंक अधिकारियों से कहा कि वे जिले में उपलब्ध संसाधनों व बाजार को देखते हुए परियोजनाओं का चयन करें. उन्होंने कहा कि जिले में मक्का, मखाना, डेयरी, पशुपालन, स्टेबलाइजर, जूट व बांस आधारित लघु व कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना बनायें. ताकि युवा उद्यमियों को निर्मित सामान की बिक्री में भी परेशानी न हो. साथ ही मुनाफा भी हो सके. बैठक में डीडीसी अरशद अजीज, विधायक सरफराज आलम व अचमित ऋषिदेव, जिप अध्यक्ष शगुफ्ता अजीम के अलावा जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, केवीआइसी के प्रतिनिधि व कैनरा बैंक पंजाब नेशनल बैंक आदि के अधिकारी भी मौजूद थे.

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