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कोषागार की लापरवाही से शिक्षकों को प्राण जनरेट में हो रहा है विलंब

जिले में लगभग सात हजार शिक्षकों का होना है प्राण जनरेट

जल्द प्राण जनरेट का कार्य संपन्न नहीं हुआ, तो होगा धरना-प्रदर्शन जिले में लगभग सात हजार शिक्षकों का होना है प्राण जनरेट प्रतिनिधि, अररिया मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजित शिक्षकों को एक जनवरी से विशिष्ट शिक्षक के रूप में राज्यकर्मी बनाकर शिक्षकों का बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करने का कार्य किया है. जनवरी से विशिष्ट शिक्षकों को राज्यकर्मी के रूप में वेतन का भुगतान होना है. इसके पूर्व सभी शिक्षकों का प्राण (परमानेंट रिटायरमेंट अकाउंट नंबर) जनरेट होना है. तभी सभी विशिष्ट शिक्षकों का वेतन का भुगतान हो पायेगा. सरकार विशिष्ट शिक्षकों को ससमय वेतन देने के लिए विभागीय आदेश भी जारी कर दिए हैं. बावजूद एक माह बाद भी जिला कोषागार में प्राण जनरेट का कार्य प्रारंभ नहीं होना चिंताजनक है. ये बातें बिहार पंचायत नगर प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही. जिलाध्यक्ष ने कहा कि लगभग जिलों में प्राण जनरेट का कार्य समाप्ति पर है. वहीं अररिया जिला में सरकारी आदेश के बाद भी प्राण जनरेट का कार्य एक माह बाद भी प्रारंभ नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण ही नहीं लापरवाही का द्योतक है. उन्होंने कहा कि सरकार के आदेश पर पटना आदि जिलों में जो कार्य समाप्ति पर होते हैं. वहीं अररिया जिला में वही कार्य प्रारंभ भी नहीं हो पाना सरकार को अंगूठा दिखाने के समान है. सममय सरकारी आदेश का पालन नहीं करने वाले ऐसे ही लापरवाह पदाधिकारी कर्मी के कारण आज अररिया जिला पिछड़ा जिला की श्रेणी में है. पिछड़ापन का कारण यहां के लोग नहीं यहां के सरकारी सिस्टम है. जिलाध्यक्ष ने कहा कि जल्द कोषागार के द्वारा विशिष्ट शिक्षकों का प्राण जनरेट का कार्य को संपन्न नहीं किया तो इस मुद्दे को लेकर शिक्षक धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर हो जायेंगे. जिसके जिम्मेवार कोषागार स्वयं होंगे.

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