जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट व चाकूबाजी, तीन जख्मी

गीधा थाना क्षेत्र के बीरमपुर (कृतपुरा) गांव में बुधवार की शाम हुई घटना

By Prabhat Khabar News Desk | January 15, 2025 9:31 PM

आरा.

गीधा थाना क्षेत्र के बीरमपुर (कृतपुरा) गांव में बुधवार की शाम जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट व चाकूबाजी हुई, जिसमें दोनों पक्षों से चाचा-भतीजा समेत तीन लोग गंभीर रूप से जख्मी हो गये. इसमें जख्मी अशोक चौधरी को बाय हाथ व सिर पर दाब से व उनके भतीजे भोला चौधरी को डंडों से मारकर जख्मी किया गया है. जबकि जख्मी पिंटू तिवारी को चाकू से बाएं हाथ के कलाई एवं दाहिने हाथ के केहुनी पर चाकू मार गया है. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद एक की हालत को चिंताजनक देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया है. जबकि दो का इलाज का इलाज आरा सदर अस्पताल में कराया जा रहा है. जानकारी के अनुसार घायलों में एक पक्ष के गीधा थाना क्षेत्र के बीरमपुर (कृतपुरा) गांव निवासी परशुराम चौधरी का 29 वर्षीय पुत्र अशोक चौधरी एवं उसी गांव के निवासी अंकु चौधरी का 17 वर्षीय पुत्र व उसका भतीजा भोला चौधरी शामिल है. जबकि दूसरे पक्ष से उसी गांव के निवासी स्व.जगलाल तिवारी का 42 वर्षीय पुत्र पिंटू तिवारी शामिल है. इधर एक पक्ष के पिंटू तिवारी ने बताया कि वर्ष 2023 में अशोक चौधरी द्वारा उनकी मां निर्मला तिवारी को बहला-फुसलाकर उनके पौने चार कट्ठा जमीन में से ढाई कट्ठा जमीन अपने नाम लिखवा लिया था. जिसका अभी मोटेशन भी नहीं हुआ है, जिसको लेकर उनके बीच करीब दो वर्षों से विवाद चल रहा है. उसी जमीन पर पिंटू तिवारी द्वारा तिलहन बोया गया था, जिसे अशोक चौधरी एवं उनके परिवार वालों द्वारा काटा जा रहा था. सूचना पाकर जब वह खेत में पहुंचे और उन्हें तिलहन काटने से मना किया तो उनके बीच कहासुनी हुई. इसके बाद उन लोगों द्वारा चाकू से पिंटू तिवारी को मारकर जख्मी कर दिया गया, जिससे वह गंभीर रूप से जख्मी हो गये. इसके बाद उन्हें इलाज के लिए आरा सदर अस्पताल लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार करने के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया. जबकि दूसरे पक्ष के अशोक चौधरी ने बताया कि दो वर्ष पूर्व पिंटू तिवारी ने मारपीट कर अपनी मां का कमर तोड़ दिया था. उसका छोटा भाई सुजीत तिवारी बेंगलुरु में रहकर मजदूरी करता था. इसके बाद उसका छोटा भाई सुजीत तिवारी आया और अपनी मां को निजी अस्पताल में भर्ती कराया. इलाज के लिए पैसा ना होने के कारण उसके द्वारा दो लाख रुपये मुझसे लिया गया था. जब उसकी मां ठीक हो गई उसने मुझे ढाई कट्ठा जमीन रजिस्ट्री किया था. उसके बाद भी उसी जमीन पर पिंटू तिवारी द्वारा एक साल तक सब्जी बोया गया था. इसके बाद उसके द्वारा उसी जमीन पर तिलहन दिया गया. जब मैंने इसका विरोध किया तो उससे कहासुनी हुई. जिसके बाद पिंटू तिवारी द्वारा दोनों चाचा-भतीजे लाठी-डंडे एवं दाब से मारकर जख्मी कर दिया. हालांकि पुलिस अपने स्तर से मामले की छानबीन कर रही है.

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