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16 सीटों पर महिलाओं ने जमाया कब्जा

सियासत. नोट पर भारी पड़ा वोट, स्वच्छ व ईमानदार व्यक्तित्व को मिला जनता का समर्थनप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJayant Chaudhary: क्या है ऑरवेलियन-1984, जिसका मंत्री जयंत चौधरी ने किया है जिक्रJustice Yashwant Varma Case: कैसे हटाए जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज?Spies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 24, 2017 6:28 AM

सियासत. नोट पर भारी पड़ा वोट, स्वच्छ व ईमानदार व्यक्तित्व को मिला जनता का समर्थन

पानी की तरह पैसा बहानेवालों व शराब पिलानेवालों को नकारा
औरंगाबाद सदर : नगर पर्षद चुनाव के नतीजे मंगलवार को सामने आये, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि चाहे जितना भी धन बल का लोग प्रयोग कर ले, पर जीत व्यक्तित्व व ईमानदारी की होती है.
औरंगाबाद नगर पर्षद चुनाव में सभी 33 वार्डों से खड़े प्रत्याशियों में कुछ नये, तो कुछ पुराने चेहरे शामिल थे. पर लोगों ने अपनी सूझ-बूझ का परिचय देते हुए वार्ड के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन कहीं विकास कार्यों को देख कर किया, तो कहीं युवा कर्मठ उम्मीदवारों के कंधे पर जिम्मेवारी सौंपी. औरंगाबाद के मतदाताओं ने नगर पर्षद चुनाव में स्पष्ट कर दिखाया कि नोट पर वोट नहीं मिला करते, बल्कि योग्यता और कार्यों को देख कर ही प्रत्याशियों को वोट मिलता है.
सभी 33 वार्डों से खड़े प्रत्याशी ने अपनी जीत के लिए पैसों को पानी की तरह बहाया और शराबबंदी का मजाक भी उड़ाया, पर ऐसे प्रत्याशियों को जनता ने सीधे नकारते हुए एक बार फिर से सजग समाज के नागरिक होने का संदेश दिया है. औरंगाबाद के मतदाताओं ने यह स्पष्ट कर दिया कि काम नहीं तो वोट नहीं, विकास नहीं तो वोट नहीं. ऐसे में अपनी झोली खोल कर पैसे लुटानेवाले प्रत्याशियों को और शराबबंदी का मजाक बनानेवाले प्रत्याशियों को हार की भारी मार सहनी पड़ी और चुनाव के नतीजे आने के बाद वे मतगणना केंद्र से मुंह चुरा कर उलटे पांव भागते दिखे.
इन वार्डों में महिलाओं ने लहराया परचम : नगर पर्षद चुनाव में आधी आबादी का दबदबा साफ तौर पर दिखा. कुल 33 वार्डों में 16 वार्डों पर आधी आबादी का कब्जा हुआ. वार्ड नंबर दो से नंदनी देवी, वार्ड नंबर तीन से संयुक्ता कुमारी, वार्ड सात से चिंता देवी, वार्ड 11 से संगीता सिंह, वार्ड 12 से शोभा सिंह, वार्ड 14 से शबनम परवीन, वार्ड 17 से इफत कौशर, वार्ड 19 से सुनीता देवी, वार्ड 22 से दीपिका रानी, वार्ड 23 से सीमा देवी, वार्ड 24 से रुकसाना परवीन, वार्ड 26 से रजनी देवी, वार्ड 27 से शालिनी स्वराज, वार्ड 29 से इंद्रावती देवी, वार्ड 31 से माछो देवी और वार्ड 32 से सुमन देवी ने जीत हासिल की. इन 16 महिलाओं में सिर्फ संगीता सिंह पूर्व में चुनाव जीत कर नगर पर्षद की चेयरमैन रह चुकी हैं. वैसे यह पांच साल पहले की बात है. 16 महिला प्रत्याशियों में 15 नये चेहरे हैं और पहली बार वार्ड के चुनाव में उतर कर जीत हासिल की है.
मुख्य पार्षद प्रतिनिधि व उप मुख्य पार्षद को मिली करारी शिकस्त : नगर पर्षद चुनाव में वार्ड नंबर छह और वार्ड नंबर 10 पर पूरे शहर की नजर थी. वार्ड छह से लगातार दो बार प्रतिनिधित्व कर चुकीं उप मुख्य पार्षद उर्मिला सिंह और वार्ड 10 से मुख्य पार्षद श्वेता गुप्ता के पति शिव गुप्ता चुनाव मैदान में थे. इन दोनों प्रत्याशियों ने अपने जीत के दावे किये थे, लेकिन इन दोनों को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा.वार्ड 6 से चुनाव लड़ रही उर्मिला सिंह को तीसरा स्थान हासिल हुआ. जबकि वार्ड 10 से चुनाव लड़ रहे शिव गुप्ता को समाजसेवी मो इलताफ ने 301 वोट से पराजित किया.
कई दिग्गजों को करना पड़ा हार का सामना
पति को मिली हार पत्नी बनी विजेता
नगर पर्षद क्षेत्र में दो ऐसे वार्ड चर्चा में थे जहां से पति और पत्नी अलग-अलग चुनाव लड़ रहे थे. वार्ड नंबर 11 से पूर्व चेयरमैन संगीता सिंह तो वार्ड 33 से संगीता के पति अभिषेक प्रताप सिंह चुनाव लड़ रहे थे. पत्नी संगीता सिंह विजेता बनी ,लेकिन पति चुनाव में शिकस्त खा गये. फिर भी खुशियां बराबर की दिखी. यानी गम का माहौल एक खुशी में बदल गया.

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