बारिश में घर से निकलना हो जाता है दूभर, शहर के लोगों में आक्रोश

बांका : बांका शहर एक वर्ष पूर्व नगर पंचायत से नगर परिषद में अपग्रेड हो चुका है. बावजूद शहर के दर्जनों मुहल्लों में आज भी पक्की सड़क व नाला नहीं है. इस वजह से बारिश के दिनों इन मुहल्ले वासियों को घर से निकलना दूभर होता है. मुहल्ले में पक्की सड़क नहीं होने से धूल […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 22, 2019 7:15 AM
बांका : बांका शहर एक वर्ष पूर्व नगर पंचायत से नगर परिषद में अपग्रेड हो चुका है. बावजूद शहर के दर्जनों मुहल्लों में आज भी पक्की सड़क व नाला नहीं है. इस वजह से बारिश के दिनों इन मुहल्ले वासियों को घर से निकलना दूभर होता है.
मुहल्ले में पक्की सड़क नहीं होने से धूल उड़ते देखा जाता है. नगर पंचायत के लोहिया नगर, जगतपुर के कुछ मुहल्ले, करहरिया मुहल्ले सहित बाबुटोला के कुछ हिस्सों में आज भी पक्की सड़क नहीं बन पाने से मुहल्लेवासियों में रोष है.
ऐसे में देश के शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद कहां तक सफल है, यहां आकर देखा जा सकता है. विकास की बाट जोह रहे ये सभी मुहल्लेवासी आज भी सड़क व नाले की दिक्कत झेलने को मजबूर हैं.
मुहल्लेवासियों का कहना है कि नगर परिषद के वार्ड पार्षद इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं, साथ ही अन्य जनप्रतिनिधि भी सड़क व नाले बनाने को लेकर गंभीर नहीं हैं. बारिश के दिनों मुहल्लेवासियों को काफी परेशानी होती है.
मोहल्लेवासियों ने कहा – हवा चले तो धूल और बारिश में कीचड़ से होती है परेशानी
दो दशक पूर्व लोहिया नगर मुहल्ले में हमलोग आकर बसे हुए हैं. उसी वक्त मुहल्ले में पक्की सड़क का निर्माण हुआ था. लेकिन आज मुहल्ले का यह पक्की सड़क जर्जर हो चुका है. पक्की सड़क का कंक्रीट पूरी तरह से उखड़ चुका है. सड़क निर्माण नहीं होने से धूल- कण से घर भर जाता है. इस दिशा में किसी भी जनप्रतिनिधि का ध्यान नहीं है.
नारंगी साह, सेवानिवृत्त शिक्षक सह मुहल्लेवासी
मुहल्ले में पक्की सड़क नहीं रहने से बारिश के दिनों हम सबों को परेशानी होती है. यह परेशानी हमसभी मुहल्लेवासी करीब पांच वर्षों से झेल रहे हैं. मुहल्ले में पक्की सड़क निर्माण के लिए कई बार वार्ड पार्षद सहित अन्य जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन वार्ड पार्षद द्वारा कोई पहल नहीं हो रही है.
अभिषेक आनंद, मुहल्लेवासी
मुहल्ले में पक्की सड़क व नाले की समस्या है. पक्की सड़क व नाला नहीं रहने से मुहल्ले में धूल उड़ती है. वहीं नाला नहीं रहने से घरों से निकलने वाली पानी यत्र- तत्र बहता है. इससे मुहल्ले में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है. समस्या का जल्द निदान नहीं हुआ तो धूलव मच्छरों के कारण मुहल्लेवासी बीमारियों के शिकार हो सकते हैं.
नीरज कुमार, मुहल्लेवासी
देश के शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद हो रही है, लेकिन यहां तो पक्की सड़क व नाले की भी सुविधा उपलब्ध नहीं है, ऐसे में यहां विकास बेईमानी साबित हो रहा है. बारिश के दिनों मुहल्ले में कीचड़ तथा गर्मी के दिनों मुहल्ले में धूल- कण उड़ता है. इससे हमलोग परेशान रहते हैं.
अनुज कुमार, मुहल्लेवासी

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