गांव में गंदगी की भरमार, स्वच्छता फंड की लूट

प्रतिनिधि, बाराहाटप्रखंड में स्वच्छता अभियान को लेकर स्वच्छता फंड को लूट खसोट का मामला प्रकाश में आया है. लूट खसोट का मामला बढ़ौना गांव से संबंधित है, जहां गली में गंदगी कि भरभार लगी हुई है, लेकिन इसकी साफ -सफाई के लिए न तो यहां तैनात एएनएम इस ओर ध्यान देती हैं और न ही […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 26, 2015 12:05 AM

प्रतिनिधि, बाराहाटप्रखंड में स्वच्छता अभियान को लेकर स्वच्छता फंड को लूट खसोट का मामला प्रकाश में आया है. लूट खसोट का मामला बढ़ौना गांव से संबंधित है, जहां गली में गंदगी कि भरभार लगी हुई है, लेकिन इसकी साफ -सफाई के लिए न तो यहां तैनात एएनएम इस ओर ध्यान देती हैं और न ही स्वच्छता राशि की उपयोगिता सिद्ध कर पाती है. इससे गांव में गंदगी के कारण बीमारी फैलने का अंदेशा रहता है. स्थानीय लोगों में सरकारी राशि के लूट-खसोट को लेकर गहरा असंतोष पैदा होने लगा है. ग्रामीण कृष्ण देव विंद, योगेंद्र विंद, जगदीश दास, बालेश्वर दास, पंचानंद मंडल, नारायण दास, बिहारी मंडल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रत्येक राजस्व ग्राम को साफ -सफाई के लिए दस हजार रुपये सालाना देने की बात करता है, लेकिन बढ़ौना, मिरजापुर, लकड़ा गांव में शायद ही कभी इस मद में स्वास्थ्य कर्मी द्वारा राशि खर्च की गयी हो. कई बार बाराहाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा प्रभारी से एएनएम सुलेखा कुमारी की शिकायत कि लेकिन सरकारी राशि का बंदरबांट कर मामला दबा दिया जाता है. जिससे स्थानीय लोगों में गुस्सा पनपने लगा है.कहती हैं एएनएम एएनएम सुलेखा कुमारी ने बताया कि उन्हें ऊपर से आदेश मिला है कि अब साफ-सफाई में पैसा नहीं देना है. अब आंगनबाड़ी में टेबुल कुरसी के लिए राशि देनी है, लेकिन इस आदेश के पूर्व की राशि के बारे में पूछे जाने पर वो चुप्पी साध गयी. जबकि इस दौरान उनके पति ने मोरचा संभालते हुए राशि के व्यय कि बाबत बताया कि उनके पास एक एक पैसे का हिसाब है. कहीं से भी कुछ गलत नहीं किया जा सकता.

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