सुखद सत्संग में बोले असंग देव जी महाराज, भक्ति से बड़ी कोई संपत्ति नहीं
सुखद सत्संग में बोले असंग देव जी महाराज, भक्ति से बड़ी कोई संपत्ति नहीं
धोरैया. प्रखंड अंतर्गत परसा बनियाचक में आयोजित सुखद सत्संग में आखिरी दिन असंग देव जी महाराज ने कहा कि भक्ति से बड़ी संपत्ति नहीं होती, धर्म से बड़ा धन नहीं होती है, शांति से बड़ी चीज कोई दुनिया में नहीं होता है. इसलिए शांति की कीमत समझाई. मनुष्य की जिंदगी रिश्तों के बीच में ही गुजरती है. पुलिस का रिश्ता अपराधियों से जुड़ा रहता है. पुलिस हमेशा अपराधियों को ढूंढता है और अपराधी हमेशा पुलिस से बचता है. भक्त भगवान का रिश्ता है. गुरु शिष्य का रिश्ता है. पति-पत्नी का रिश्ता है. एक जीव के साथ में 18 रिश्ता जुड़ा हुआ है जो रिश्तों को संभालना जानता है, उसकी जिंदगी के कांटे फूल जैसी खुशबू देने लग जाती है. इसलिए रिश्तों को ध्यान रखना चाहिए. कहा कि हिंदू व सनातन धर्म श्रेष्ठ धर्म है. हिंदू राष्ट्र भारत देश दुनिया के अंदर पहला राष्ट्र जो हिंदुओं के लिए है. इसमें कोई और लोग आए मेहमान की तरह रहे, उनका सम्मान है लेकिन अच्छा ना लगे तो वापस लौट जाए. दुनिया में कई देशों में गया हूं लेकिन जो आनंद भारत देश में आता है वह कहीं और नहीं आता है. भारत के 22 प्रदेशों में जाता हूं पर जो भीड़ और श्रोता बिहार में दिखती है वह दूसरी प्रदेश में नहीं दिखती है. कथा को सफल बनाने में आयोजक कमेटी के अध्यक्ष राजीव कुमार सिंह, उपाध्यक्ष रामजी पासवान, सदस्य शेखर सिंह, रविन्द्र सिंह,बद्दो सिंह, दीपक सिंह, दिनेश सिंह, रामचंद्र सिंह, कांति सिंह, धनुषधारी सिंह, रासबिहारी सिंह सहित ग्रामीणों ने सराहनीय भूमिका निभाई.
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