पौधा लगा कर मनाया गया पर्यावरण दिवस

चेरियाबरियारपुर (बेगूसराय) : एक-एक पेड़ लगाना है, पर्यावरण बचाना है के नारे के साथ न्यू गैलेक्सी साइंस कोचिंग सेंटर, मंझौल में बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया. उक्त कार्यक्रम सेंटर के संस्थापक सह व्यवस्थापक सूर्यकांत भारती की अध्यक्षता में आयोजित किया गया.... मौके पर श्री भारती ने कहा कि ग्लोबल वार्मिग की समस्या विश्व […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | July 16, 2013 1:46 PM

चेरियाबरियारपुर (बेगूसराय) : एक-एक पेड़ लगाना है, पर्यावरण बचाना है के नारे के साथ न्यू गैलेक्सी साइंस कोचिंग सेंटर, मंझौल में बुधवार को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया. उक्त कार्यक्रम सेंटर के संस्थापक सह व्यवस्थापक सूर्यकांत भारती की अध्यक्षता में आयोजित किया गया.

मौके पर श्री भारती ने कहा कि ग्लोबल वार्मिग की समस्या विश्व पर्यावरण को सुरसा की तरह निगल रही है. इस समस्या से निजात पाने के लिए शिक्षकों एवं शिक्षाप्रेमियों को आगे आने की जरूरत है. संस्थान के प्राचार्य मो इरशाद आरती ने पर्यावरण को दूषित करनेवाले करकों की विस्तृत रूप से चर्चा करते हुए इसके प्रभाव को विश्व में कम करने के लिए छात्र -छात्राओं को जन्म, मरण, शादी -विवाह एवं मुंडन संस्कार के अवसर एक -एक पौधा लगाने के लिए प्रेरित किया.

मौके पर बारहवीं की छात्र नेहा कुमारी, लवली कुमारी, काजल कुमारी एवं दसवीं के छात्र नीलेश कुमार, राकेश कुमार, लोकेश कुमार ,नीतीश कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने एक-एक पौधा लगाने सहित आमजनों को पर्यावरण के प्रति जागरू क करने का संकल्प लिया. इस अवसर पर शिक्षक नरेंद्र कुमार सहनी, अरुण भारती, पंकज भारती, शिवेश कुमार, मो जाकीर हुसैन, मो इफ्तेखार आलम, प्रदीप झा सहित अन्य लोग उपस्थित थे.
की गयी संगोष्ठी

बेगूसराय(नगर) : विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर सुह्वद बाल शिक्षा मंदिर सुह्वदनगर में पौधारोपण सह संगोष्ठी का आयोजन किया गया. मौके पर मुख्य अतिथि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ छात्र कल्याण कोष के संयोजक डॉ सुरेश प्रसाद राय ने अपने एवं उपस्थित अतिथियों के द्वारा पौधारोपण कार्यक्रम.

संगोष्ठी की अध्यक्षता विद्यालय के व्यवस्थापक कौशल किशोर झा एवं संचालन शशिभूषण प्रसाद सिंह ने किया. मौके पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डॉ राय ने कहा कि आज पर्यावरण प्रदूषण की समस्या विश्व की समस्या बन गयी है. इससे निजात पाने का साधन पौधारोपण ही है. इस मौके पर डॉ राय ने सरकार से मांग की कि हर वर्ष सभी जिलों से प्राकृतिक संपदा और उनकी बेहतरी की रिपोर्ट मंगा कर उसे सार्वजनिक करें.