ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त

तेघड़ा. कड़ाके की ठंड का सर्वाधिक बुरा असर बड़े-बुजुर्गों और मवेशियों पर हो रहा है. बड़े-बुजुर्ग एवं बच्चे सर्दी, खांसी व बुखार से आक्रांत हो रहे हैं. वहीं मवेशी ज्वर, उदर रोग और लंगड़ापन के शिकार हो रहे हैं. ठंड के कारण जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हुआ है. सूर्य के दर्शन दुर्लभ हो गये […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 26, 2014 5:03 PM

तेघड़ा. कड़ाके की ठंड का सर्वाधिक बुरा असर बड़े-बुजुर्गों और मवेशियों पर हो रहा है. बड़े-बुजुर्ग एवं बच्चे सर्दी, खांसी व बुखार से आक्रांत हो रहे हैं. वहीं मवेशी ज्वर, उदर रोग और लंगड़ापन के शिकार हो रहे हैं. ठंड के कारण जनजीवन बुरी तरह से अस्त-व्यस्त हुआ है. सूर्य के दर्शन दुर्लभ हो गये हैं. बाजारों में गर्म कपड़ों की खूब बिक्री हो रही है.