आब नै बचबे हो बाबू, प्रलय होय के रहतो

फिर डोली धरती, तार के पेड़ से गिर कर एक व्यक्ति की मौततसवीर-भूकंप को लेकर लोगों में अफरा-तफरी का नजारातसवीर-16,17बेगूसराय (नगर). आब नै बचबे हो बाबू. आब प्रलय होय के रहतो. शनिवार को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस होने के बाद महिलाओं व बुर्जुगों ने उक्त बातें कहीं. जैसे ही संध्या में धरती […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 16, 2015 8:03 PM

फिर डोली धरती, तार के पेड़ से गिर कर एक व्यक्ति की मौततसवीर-भूकंप को लेकर लोगों में अफरा-तफरी का नजारातसवीर-16,17बेगूसराय (नगर). आब नै बचबे हो बाबू. आब प्रलय होय के रहतो. शनिवार को एक बार फिर भूकंप के झटके महसूस होने के बाद महिलाओं व बुर्जुगों ने उक्त बातें कहीं. जैसे ही संध्या में धरती डोली लोगों में भगदड़ शुरू हो गयी. जो जहां थे, वहीं से सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़ पड़े. बाजारों मंे बट सावित्री को लेकर महिलाएं खरीदारी कर रही थीं. इसी दौरान महिलाओं व दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गयी. लोग खुले आसमान की ओर भागने लगे. लगातार भूकंप के झटके से लोगों में किसी अनहोनी की आशंका प्रबल दिखने लगी है. इसके चलते लोगों में घबराहट है. मुंगेरीगंज में रहनेवाले 90 वर्षीय वृद्ध राम गोपाल शर्मा ने कहा कि कि इस तरह लगातार भूकंप के झटके पहले हमलोगों ने कभी नहीं देखी थी. यह अशुभ संकेत बनते जा रहा है. भूकंप का नाम सुनते ही बच्चे व बड़ों में चिंता स्पष्ट रू प से दिखने लगती है. नीमाचांदपुरा प्रतिनिधि के अनुसार, 40 वर्षीय अचल पासवान की मौत भूकंप के दौरान ताड़ के पेड़ से गिर कर हो गयी. बताया जाता है कि अचल भूकंप के पूर्व तार के पेड़ पर चढ़ा था. अचानक भूकंप के झटके से हड़बड़ा कर वह नीचे गिर गया, जिसकी मौत इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के क्रम में रास्ते में ही हो गयी.