यहां इलाज नहीं, केवल होता है रेफर

यहां इलाज नहीं, केवल होता है रेफरमंझौल रेफरल अस्पताल की हालत दयनीयसंसाधनों का है घोर अभाव, मरीजों को नहीं मिलती दवाएंचिकित्सकों की भी काफी कमीभवन की हालत ऐसी, जहां जान का बना रहता है खतराउद्घाटन के लिए तरस रहा करोड़ों की लागत से बना अनुमंडलीय अस्पतालतसवीर- बदहाल रेफरल अस्पताल.तसवीर 8मंझौल. अनुमंडल मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 5, 2015 6:29 PM

यहां इलाज नहीं, केवल होता है रेफरमंझौल रेफरल अस्पताल की हालत दयनीयसंसाधनों का है घोर अभाव, मरीजों को नहीं मिलती दवाएंचिकित्सकों की भी काफी कमीभवन की हालत ऐसी, जहां जान का बना रहता है खतराउद्घाटन के लिए तरस रहा करोड़ों की लागत से बना अनुमंडलीय अस्पतालतसवीर- बदहाल रेफरल अस्पताल.तसवीर 8मंझौल. अनुमंडल मुख्यालय स्थित रेफरल अस्पताल को जर्जर भवन से निजात दिलाने के लिए करोड़ों की लागत से बना अनुमंडल अस्पताल अपनी बेबसी पर आंसू बहाने को मजबूर है. बताते चलें कि रेफरल अस्पताल, मंझौल में लगभग दर्जनों गांवों के गरीब मजदूर इलाज कराने आते हैं. परंतु, व्यवस्था में काफी कमी के कारण कभी प्राथमिक उपचार के बाद, तो कभी रजिस्ट्रेशन के बाद ही मरीजों को रेफर कर दिया जाता है. आसपास के गांव से इलाज कराने पहुंचे मरीजों में मनोज सदा, लुखिया देवी, उर्मिला देवी, रामबदन सहनी ने बताया कि अस्पताल में जहां हमेशा दवाओं का घोर अभाव रहता है, वहीं अस्पताल में डॉक्टरों की भी कमी रहती है. करोड़ों रुपये की लागत से बने भवन भी उद्घाटन की बाट जोह रहा है. वहीं, पूर्व मुखिया अरुण सिंह, मंझौल पंचायत चार के मुखिया राजेश कुमार, सरपंच विनीत पासवान, समाजसेवी निरंजन सिंह, जिला पार्षद अनिल सहनी आदि ने बेहतर स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने की मांग जिला प्रशासन से की है.