निजी व ठेका कंपनी कर रहे मजदूरों का शोषण
निजी व ठेका कंपनी कर रहे मजदूरों का शोषण सीटू से संबद्ध कामगारों ने उपश्रमायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शनविरोध. 15 दिनों के अंदर नहीं हुई कार्रवाई, तो श्रम अधीक्षक कार्यालय को करेंगे ठपमजदूरों के हित में विभाग पर लगाया उदासीनता का आरोप तसवीर-श्रम अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करते कामगार.तसवीर-9बेगूसराय (नगर). सीटू से संबद्ध भारतीय मोबाइल […]
निजी व ठेका कंपनी कर रहे मजदूरों का शोषण सीटू से संबद्ध कामगारों ने उपश्रमायुक्त कार्यालय पर किया प्रदर्शनविरोध. 15 दिनों के अंदर नहीं हुई कार्रवाई, तो श्रम अधीक्षक कार्यालय को करेंगे ठपमजदूरों के हित में विभाग पर लगाया उदासीनता का आरोप तसवीर-श्रम अधीक्षक कार्यालय पर प्रदर्शन करते कामगार.तसवीर-9बेगूसराय (नगर). सीटू से संबद्ध भारतीय मोबाइल टावर कामगार यूनियन और बिहार राज्य सौर ऊर्जा चालित लौह मुक्त पेयजलापूर्त्ति योजना कामगार यूनियन की बेगूसराय इकाई के संयुक्त तत्वावधान में उपश्रमायुक्त कार्यालय, मुंगेर प्रमंडल सह श्रम अधीक्षक कार्यालय, बेगूसराय पर रोषपूर्ण धरना व घेराव कार्यक्रम किया गया. मौके पर कामगारों ने न्यूनतम मजदूरी कानून के उल्लंघन पर रोक लगाने, श्रम कानूनों में संशोधन व श्रम कानूनों पर हमला पर रोक लगाने, बकाये वेतन का भुगतान करने, न्यूनतम मजदूरी निर्धारित सीमा के तहत 18 हजार रुपये मासिक वेतन निर्धारण समेत अन्य मांगों को लेकर जोरदार आवाज बुलंद की. धरना कार्यक्रम की अध्यक्षता पवन कुमार एवं मनीष कुमार ने की. वहीं, संचालन उदय कुमार सिंह एवं अनिल कुमार सेनापति ने किया. धरना कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीटू राज्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि सीटू से संबद्ध हमारे दोनों यूनियनों के द्वारा संवैधानिक श्रम कानूनों के प्रावधानों को लागू करवाने की लड़ाई लड़ी जा रही है. केंद्र और राज्य सरकार की कॉरपोरेट परस्त नीतियों के कारण न्यूनतम मजदूरी, समय से भुगतान, बकाया भुगतान, भविष्य निधि कटौती विवरणी की लेखा-जोखा से संबंधित मामले आज तक अधर में लटका हुआ है. सरकार की कामगार विरोधी नीतियों के कारण सरकारी और गैर सरकारी तथा असंगठित क्षेत्र में कार्यरत मजदूरों का शोषण निजी और ठेका कंपनियों के द्वारा लगातार किया जा रहा है. इसे और बरदाश्त नहीं किया जायेगा. उन्होंने कहा कि पीएचइडी विभाग के द्वारा सरकारी योजना चालित लौहमुक्त पेयजलापूर्त्ति योजना में कार्यरत कामगारों की स्थिति अत्यंत खराब है. श्रम अधीक्षक के यहां विगत छह महीने से फैसला को रोके जाने की प्रक्रिया के कारण कामगारों को न्याय नहीं मिल पाया है. मौके पर उन्होंने कहा कि 15 दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं की गयी, तो श्रम अधीक्षक कार्यालय को ठप करने की कार्रवाई शुरू की जायेगी. 15 दिन के बाद श्रम आयुक्त, मुंगेर के समक्ष प्रदर्शन व धरना किया जायेगा. मौके पर अजित कुमार, संजीत कुमार, अनिल कुमार राय, अविनाश कुमार, राहुल कुमार समेत अन्य लोगों ने अपने विचारों को रखा. अंत में 11 सदस्यीय शिष्टमंडल सीटू नेता अंजनी कुमार के नेतृत्व में श्रम अधीक्षक से वार्त्ता में भाग लिया. श्रम अधीक्षक ने 10 दिन का समय लेते हुए कहा कि आपकी मांगों पर यथासंभव कारवाई की जायेगी.
