2007 में एके 47 के साथ बलराम सिंह हुआ था गिरफ्तार, विभिन्न थानों में दर्ज है मामला

बेगूसराय : जिले का कुख्यात अपराधी बलराम सिंह इन दिनों जिला छोड़ कर झारखंड व पूर्णिया जैसे शहरों में ठेकेदारी में लग गया था. लेकिन उसकी आपसी दुश्मनी जारी ही थी. इसी दुश्मनी के तहत बलराम सिंह की हत्या अपराधियों ने जमशेदपुर में कर दी. बलराम सिंह की हत्या की खबर मिलते ही... जिले में […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 11, 2016 4:21 AM

बेगूसराय : जिले का कुख्यात अपराधी बलराम सिंह इन दिनों जिला छोड़ कर झारखंड व पूर्णिया जैसे शहरों में ठेकेदारी में लग गया था. लेकिन उसकी आपसी दुश्मनी जारी ही थी. इसी दुश्मनी के तहत बलराम सिंह की हत्या अपराधियों ने जमशेदपुर में कर दी. बलराम सिंह की हत्या की खबर मिलते ही

जिले में भी चर्चाओं का बाजार गरम हो गया है. जिले के नयागांव थाना क्षेत्र के बलहपुर निवासी जर्नादन सिंह के पुत्र बलराम सिंह 2000 के आस-पास अपराध जगत में अपना पांव रखा था. उसके बाद से उसकी पहचान अपराध के क्षेत्रों में और बढ़ी और लोग उसके नाम से दहशत में रहने लगे. अपराधी बलराम सिंह जिले में पैठ बनाने के बाद बिहार के बाहर भी अपनी पैठ बनाने में जुट गया. इसी दौरान वर्ष 2007 में बलराम सिंह एके 47 एवं अन्य हथियार के साथ जीरोमाइल पुलिस के हत्थे चढ़ गया.

पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के बाद राहत की सांस लेते हुए इसे बड़ी उपलब्धि मानी थी.लेकिन बलराम सिंह ने अपराध जगत से अपना नाता नहीं तोड़ा और आपराधिक गतिविधियों में वह संलिप्त ही रहा. इसी क्रम में उस पर नयागांव थाने में रंगदारी व मारपीट का मामला दर्ज हुआ.

पुलिस के लिए वह सिरदर्द बनते गया. वर्ष 2015 में मटिहानी थाने के सिहमा निवासी विभोर झा की हत्या अन्य अपराधियों के साथ मिल कर रामदीरी गंगा घाट के किनारे कर दिया. बताया जाता है कि विभोर झा को बुला कर उसे शराब पिलायी फिर अन्य अपराधियों के साथ मिल कर उसकी हत्या करने की प्लानिंग तैयार क र दी. विभोर झा की हत्या के बाद अपराधी बलराम सिंह फरार हो गया. काफी दिनों तक उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस खाक छानती रही. इसी बीच बेगूसराय पुलिस को पता चला था कि बलराम सिंह जमशेदपुर और पूर्णिया में ठेकेदारी को लेकर आना-जाना कर रहा है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी की प्लानिंग कर रही थी कि अचानक उसकी हत्या कर देने की खबर आयी.