मजहबी आजादी खत्म करना चाहती है सरकार : कासमी
नावकोठी : सरकार तीन तलाक के मुद्दे पर राजनीति कर रही है. संविधान में अभिव्यक्ति एवं धार्मिक आजादी को अक्षुण्ण बनाये रखने की जमानत दी गयी है, लेकिन सरकार संविधान संशोधन करके जबरन मजहबी आजादी को खत्म करना चाहती है. यह बातें तहफूजे शरीयत व तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस में संबोधित करते हुए नायब नाजिम इमारते […]
नावकोठी : सरकार तीन तलाक के मुद्दे पर राजनीति कर रही है. संविधान में अभिव्यक्ति एवं धार्मिक आजादी को अक्षुण्ण बनाये रखने की जमानत दी गयी है, लेकिन सरकार संविधान संशोधन करके जबरन मजहबी आजादी को खत्म करना चाहती है. यह बातें तहफूजे शरीयत व तालीमी बेदारी कॉन्फ्रेंस में संबोधित करते हुए नायब नाजिम इमारते शरिया, फुलवारीशरीफ पटना के मुफ्ती सनाउल होदा कासमी साहब ने कहीं. उन्होंने कहा कि बच्चे और घर की औरतों को दुनिया की तालीम के साथ-साथ कुरान व हदीस की तालीम जरूरी है. इसलाम की बुनियाद इल्म पर है. कुरान में पहले पढ़ने की नसीहत दी गयी है.
जलसे में मदरसे के बच्चे और काॅन्वेंट स्कूल के बच्चों के द्वारा आधुनिक शिक्षा से समाज और संस्कृति संस्कार के गिरते स्तर पर गंभीर वाद-विवाद एकांकी प्रस्तुत की गयी. इस प्रस्तुति ने लोगों को काफी प्रभावित किया. हसनपुर बागर पंचायत के इसफा में आयोजित इस शानदार जलसे में राजद नेता पूर्व विधान पार्षद डॉ तनवीर हसन ने हजारों लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि तालीम के मैदान में आगे बढ़ने के साथ घर में तरबियत की भी जरूरत है. मुल्क की हालत चिंताजनक है.
