पकड़ाने के डर से भागने लगा ट्रैक्टर चालक, बाल-बाल बचे पुलिसकर्मी
हमला करने वालों को भी नहीं पकड़ पा रही पुलिस भागलपुर : पुलिस अपराधियों के आगे विवश हो चुकी है. पुलिस अपने उपर हमला करने वालों को गिरफ्तार करने में असफल रही है. कजरैली पुलिस पर दो माह में दो हमले हो चुके हैं. पहली घटना 17 अक्तूबर की है, जिसमें गौराचकी में कुख्यात शिवा […]
हमला करने वालों को भी नहीं पकड़ पा रही पुलिस
भागलपुर : पुलिस अपराधियों के आगे विवश हो चुकी है. पुलिस अपने उपर हमला करने वालों को गिरफ्तार करने में असफल रही है. कजरैली पुलिस पर दो माह में दो हमले हो चुके हैं. पहली घटना 17 अक्तूबर की है, जिसमें गौराचकी में कुख्यात शिवा पासवान के खिलाफ वाहनों से पैसे वसूलने के केस में गवाह खोजने गयी पुलिस से लोगों ने मारपीट की था. मारपीट से खफा पुलिस ने कुछ लोगों की पिटाई कर दी थी, जिससे लोगों ने उग्र होकर सड़क जाम कर पुलिस को खदेड़ दिया.
इस मामले में पुलिस ने दो केस दर्ज किया था.दोनों केस में सिवा पासवान सहित 16 नामजद और करीब 50 अज्ञात को आरोपित बनाया था. दूसरी घटना नवंबर की है जिसमें अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों को पकड़ने गयी पुलिस पर तमौनी में लोग टूट पड़े थे. बालू माफियाओं की तरफ से सैकड़ों महिला-पुरुषों ने सड़क जाम कर दिया था और पुलिस की राइफल छीनने का प्रयास किया था.
बालू माफियाओं ने पुलिस द्वारा पकड़े बालू लदे ट्रैक्टरों को जबरन छुड़ा ले गये. इस मामले में करीब 12 नामजद और सौ के करीब अज्ञात को आरोपित बनाया गया था. इस मामले में भी पुलिस के हाथ खाली है. तीसरी घटना सजौर की है, जिसमें अवैध बालू लदे ट्रैक्टर को जब्त करने गयी पुलिस पर सितंबर में माफियाओ ने हमला किया था. इसमें सैप के जवान गंभीर रूप से घायल हो गये थे. पुलिस सूत्रों के अनुसार खुद पर हमला होने से पुलिस डरी हुई है. गांव जाकर गिरफ्तार करने में पुलिस को अनहोनी होने का चिंता सता रही है.