सहरसा बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन मैनेजर तलब, सीबीआइ ने की पूछताछ

भागलपुर : सृजन घोटाला मामले में सीबीआइ अब उन लोगों को तलब करने लगी है, जिनसे अब तक पूछताछ नहीं हो सकी थी. सोमवार को सीबीआइ की टीम ने सहरसा भू-अर्जन कार्यालय के खाते से गायब करीब 82 लाख रुपये की कड़ाई से जांच की. इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की सहरसा शाखा के तत्कालीन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 30, 2018 5:16 AM

भागलपुर : सृजन घोटाला मामले में सीबीआइ अब उन लोगों को तलब करने लगी है, जिनसे अब तक पूछताछ नहीं हो सकी थी. सोमवार को सीबीआइ की टीम ने सहरसा भू-अर्जन कार्यालय के खाते से गायब करीब 82 लाख रुपये की कड़ाई से जांच की. इसके लिए बैंक ऑफ बड़ौदा की सहरसा शाखा के तत्कालीन प्रबंधक को भागलपुर के सबौर बीएयू कैंपस स्थित सीबीआइ के कैंप कार्यालय में तलब किया गया था.

सहरसा बैंक ऑफ…
उनसे कड़ाई के साथ पूछताछ किये जाने की सूचना मिली है.
10 मिनट पूछताछ, फिर सहरसा पहुंची सीबीआइ टीम
सबौर स्थित कैंप कार्यालय में सहरसा बैंक ऑफ बड़ौदा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक से सीबीआइ ने लगभग 10 मिनट ही पूछताछ की. सहरसा से एक बुजुर्ग कर्मी भी सीबीआइ दफ्तर पहुंचे थे, जिन्हें सीबीआइ ने रोक लिया था. बैंक प्रबंधक एक अन्य कर्मी के साथ सफेद कार में कैंप कार्यालय पहुंचे थे. यहां दोनों से पूछताछ के बाद उसी कार में सीबीआइ के चार अधिकारी भी सवार हुए. सूत्र बताते हैं कि सभी लोग सहरसा के लिए रवाना हो गये. सहरसा के सूत्रों के मुताबिक सीबीआइ के अधिकारी कभी भी पूछताछ के लिए सहरसा के बैंक ऑफ बड़ौदा व भू-अर्जन कार्यालय पहुंच सकते हैं.
82.23 लाख की है जालसाजी
बैंक ऑफ बड़ौदा की सहरसा शाखा में सहरसा कोसी योजना के विशेष भू-अर्जन पदाधिकारी के नाम से खाता था. इसके अतिरिक्त बैंक ऑफ बड़ौदा की भागलपुर शाखा में भी खाता था. भागलपुर की शाखा से सृजन के खाते में 162 करोड़ 92 लाख 49 हजार 924 रुपये ट्रांसफर हुआ था. इसके इतर सहरसा स्थित शाखा में 162 करोड़ 10 लाख 26 हजार 617 रुपये वापस भी हुआ है. लेकिन शेष राशि 82 लाख 23 हजार 307 रुपये का कोई हिसाब नहीं मिलने लगा, तो 17 अगस्त 2017 को सहरसा के वरीय कोषागार पदाधिकारी ने सहरसा नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करायी थी. इसके बाद यह मामला सीबीआइ के हवाले है.
82
लाख रुपये के गायब होने के हिसाब पर पूछे गये सवाल
सहरसा से पहुंचे दो अन्य कर्मी भी सीबीआइ दफ्तर में हुए हाजिर
एक बुजुर्ग कर्मी को रोक लिया गया, देर शाम तक चली पूछताछ
सीबीआइ में दर्ज मामला
RC2172017A0020
सूचनाकर्ता : राज कुमार, वरीय ट्रेजरी ऑफीसर, सहरसा
आरोप : सृजन समिति की संचालक मनोरमा देवी, बीओबी की सहरसा व भागलपुर शाखा के तत्कालीन प्रबंधक व अन्य कर्मी व विशेष भू-अर्जन कार्यालय सहरसा के तत्कालीन पदाधिकारी, रोकड़पाल व प्रधान सहायक के द्वारा फर्जीवाड़ा कर मोटी रकम का सृजन के खाते में ट्रांसफर किया गया.

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