एटीएम काट पैसे उड़ाने को लेकर 86 घंटे बाद दर्ज करायी प्राथमिकी
पड़ताल. एटीएम से 2588500 रुपये की हुई थी चोरी, अब जागे अधिकारीप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJayant Chaudhary: क्या है ऑरवेलियन-1984, जिसका मंत्री जयंत चौधरी ने किया है जिक्रJustice Yashwant Varma Case: कैसे हटाए जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज?Spies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की […]
पड़ताल. एटीएम से 2588500 रुपये की हुई थी चोरी, अब जागे अधिकारी
भागलपुर : इशाकचक थाना क्षेत्र के मिरजान-भीखनपुर रोड पर बौंसी पुल के समीप एसबीआइ एटीएम से पैसे उड़ाने के मामले में 86 घंटे बाद मंगलवार को केस दर्ज कराया गया. इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट एंड सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अधिकृत किये गये कुंदन कुमार मंडल ने केस दर्ज करवाया है. इसमें एटीएम मशीन को क्षतिग्रस्त कर उसमें से 25,88,500 रुपये चोरी करने की बात कही गयी है. आवेदन के अनुसार चोरी 9 फरवरी की मध्य रात्रि में हुई.
मंगलवार को थाना पहुंचे शिकायतकर्ता ने बताया कि मशीन और उसके वॉल्ट (ट्रे) को काफी क्षति पहुंचायी गयी है जोकि अब मरम्मत योग्य नहीं है. हालांकि मामले में प्राथमिकी दर्ज करने से पहले ही इशाकचक पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू कर दी थी. मंगलवार लिखित आवेदन मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया गया. मामले में इशाकचक थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर राम एकबाल प्रसाद यादव खुद ही अनुसंधानकर्ता हैं.
केस दर्ज होते ही एसएसपी ने थानाध्यक्ष को बुला ली संबंधित जानकारी.
एटीएम से 25,88,500 रुपये उड़ाने के मामले में मंगलवार को केस दर्ज होते ही इशाकचक इंस्पेक्टर एसएसपी आवास स्थित गोपनीय शाखा पहुंचे. मामले में एसएसपी ने खुद पूरे मामले की जानकारी लेकर जांच के लिए कई निर्देश भी दिये. मामले में इशाकचक इंस्पेक्टर ने गोपनीय शाखा में मौजूद तक्नीकी सेल से कई अहम सूचनाएं भी ली.
पैरों के निशान तक नहीं थे एटीएम में. जिस एटीएम से चोरी की गयी उस एटीएम में एफएसएल टीम को मशीन या शीशे पर एक भी फिंगर प्रिंट नहीं मिले थे. इससे यह स्पष्ट हुआ था कि सभी अपराधी पूरी तैयारी के साथ एटीएम में चोरी के उद्देश्य से आये थे. वहीं अपराधियों की तैयारी का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि एटीएम रूम के भीतर पैरों या जूतों तक के निशान नहीं मिले.
स्थानीय अपराधियों के शामिल होने की आशंका. मामले में रविवार को पुलिस ने कुछ प्लॉटरों को हिरासत में लेकर पूछताछ के दौरान पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली है. वहीं अभी तक की जांच में एटीएम में घुसने वाले सभी अपराधी के लोकल होने की आशंका जतायी जा रही है. वारदात की मॉनिटरिंग पड़ोसी राज्य से किए जाने के बिंदु पर भी जांच की जा रही है. टावर डम्प करने के बाद पुलिस ने पड़ोसी राज्यों में घटना के समय किये गये फोन नंबरों की सूची तैयार कर उसपर जांच शुरू कर दी है.