भागलपुर मामला : 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर भेजे गये अर्जित, रघुवंश बाेले- पहले होनी चाहिए थी गिरफ्तारी

भागलपुर : बिहारमें भागलपुरके नाथनगर हिंसा मामलेमें आरोपी बनायेगये केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे एवं भाजपा नेता अर्जित शाश्वत चौबे को आज 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बिहार में पिछले कुछ दिनों से सियासत का केंद्र रहे अर्जित शाश्वतको शनिवार देर रात गिरफ्तारकियेजाने के साथ ही रविवार को पुलिस उन्हें […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 1, 2018 12:17 PM

भागलपुर : बिहारमें भागलपुरके नाथनगर हिंसा मामलेमें आरोपी बनायेगये केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के बेटे एवं भाजपा नेता अर्जित शाश्वत चौबे को आज 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. बिहार में पिछले कुछ दिनों से सियासत का केंद्र रहे अर्जित शाश्वतको शनिवार देर रात गिरफ्तारकियेजाने के साथ ही रविवार को पुलिस उन्हें पटना से नवगछिया के रास्ते भागलपुर पुलिस लेकर पहुंची. यहां उन्हें एसीजेएम-7 एआर उपाध्याय के समक्ष भागलपुर के लालबाग स्थित जज कॉलोनी स्थित आवास में पेश किया गया. इसके बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अर्जित को भागलपुर के कैंप जेल में ले जाया गया है.

पटना से जैसे ही अर्जितको लेकर पुलिसकी टीम ने विक्रमशिला सेतु को पार किया, भाजपा कार्यकर्ताओं ने टोल टैक्स वैरियर के पास उन्हें रोक दियाऔर हंगामा करने लगे. लेकिन, पुलिस अर्जित को लेकर आगे निकल गयी. पुलिस को इससे पहले भी विरोध का सामना करना पड़ा. भाजपा के कई नेता जेल के सामने खड़े हैं. जज आवास के पास पुलिस की तैनाती कर दी गयी है.

उधर, अर्जित शाश्वत की गिरफ्तारी परराजदके वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंहनेकहा, कानून ने अपना काम किया, ये गिरफ्तारी पहले होनी चाहिए थी. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा, अर्जित शाश्वत की गिरफ्तारी हुई या समर्पण हुआ, ये बताना पुलिस का काम है.

वहीं, अर्जित शाश्वत प्रकरण पर भागलपुर एसएसपी मनोज कुमार ने कहा कि उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें बनायी गयी थीं. हमें अर्जित की गतिविधि की सूचना मिलीऔर सर्विलांस पर हमें उनकी योजना मालूम हुई.जिसकेआधार पर अंतत: पटना स्टेशन के गोलंबर के पास हमने उन्हें गिरफ्तार किया. भागलपुर एसएसपी ने कहा कि अर्जित शाश्वत के खिलाफ एफआइआरदर्ज है. कोर्ट ने भी उनकी अग्रिम जमानतयाचिकाको खारिज करदिया है. एसएसपी ने कहा कि उनके खिलाफ पुख्ता प्रमाण हैं. शहर में 250 कैमरे लगाये गये हैं.अर्जितशाश्वत को आज मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जायेगा. वहां भी आधे दर्जन कैमरे लगाये हैं. शहर में सुरक्षा के चाक-चौबंद व्यवस्था है.

इससे पहले गिरफ्तारी के बाद अर्जित शाश्वत ने मीडियासेबातचीतमें कहा कि उन्होंने पुलिस के सामने सरेंडर किया. इस दौरान महावीर मंदिर के बाहर अर्जित शाश्वत के समर्थक जय श्रीराम के नारे लगाते रहे. उन्होंने कहा कि भागलपुर के नाथनगर में शोभायात्रा निकाली गयी थी. शोभा यात्रा के डेढ़ घंटे बाद हमें सूचना मिलती है कि वहां घटना घटी है. फिर दो दिन बाद एफआइआर दर्ज की जाती है. प्रशासन ने अपनी विफलता का ठिकरा मेरे सर पर फोड़ने का काम किया है.

उधर, पटना पुलिस का साफ तौर पर कहना है कि अर्जित शाश्वत को गिरफ्तार किया. पुलिस शाम से ही अर्जित के मोबाइल फोन को ट्रैक कर रही थी. बाद में पटना पुलिस अर्जित शाश्वत को लेकर गांधी मैदान थाना पहुंची. जहां करीब डेढ़ घंटे तक अर्जित शाश्वत को रखा गया, फिर अर्जित शाश्वत को भारी सुरक्षा के साथ भागलपुर के लिए रवाना किया गया.

गौर हो कि अर्जित शाश्वत की अगुवाई में एक जुलूस के दौरान तेज संगीत बजाये जाने पर कुछ लोगों की आपत्ति के बाद 17 मार्च को भड़की सांप्रदायिक हिंसा को लेकर भागलपुर के नाथनगर थाने में दो एफआइआर दर्ज करायीगयी थी. इन एफआइआर में से एक में शाश्वत के अलावा आठ अन्य लोगों का नाम था. हिंदू कैंलडर के मुताबिक, नये साल के उपलक्ष्य में कथित तौर पर बिना अनुमति के यह जुलूस निकाला जा रहा था. संघर्ष में दोनों तरफ से पत्थरबाजी, आगजनी और गोलीबारी की घटना में दो पुलिस कर्मियों सहित कई लोग घायल हो गये थे.इसमामले में अर्जित शाश्वत की अग्रिम जमानत भागलपुर कोर्ट नेशनिवार को ही खारिज कर दी थी.

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