परबत्ती सिलिंडर ब्लास्ट में पांचवीं मौत
भागलपुर : पिछले सोमवार को परबत्ती स्थित शंकर गैस एजेंसी के पीछे शांति विवाह भवन में हुए सिलिंडर विस्फोट मामले में घटना के आठवें दिन पांचवी मौत हो गयी. बता दें कि घटना के बाद गंभीर रूप से घायल दुल्हन के चाचा महेंद्र साह को मायगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जिसके अगले ही […]
भागलपुर : पिछले सोमवार को परबत्ती स्थित शंकर गैस एजेंसी के पीछे शांति विवाह भवन में हुए सिलिंडर विस्फोट मामले में घटना के आठवें दिन पांचवी मौत हो गयी. बता दें कि घटना के बाद गंभीर रूप से घायल दुल्हन के चाचा महेंद्र साह को मायगंज अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जिसके अगले ही दिन परिजन उन्हें बेहतर इलाज के लिए पटना लेकर चले गये थे.
आठ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद सोमवार देर शाम पटना में इलाजरत महेंद्र साह की मौत हो गयी. लगातार हो रही मौतों के बाद भी पुलिस हाथ धरी बैठी हुई है. घटना के बाद न तो पुलिस ने गैस एजेंसी और विवाह भवन संचालक शंकर प्रसाद साह के घर पर दबिश बनाया और न ही उसकी तलाश में कहीं छापेमारी की है.
बता दें कि एलपीजी सिलिंडर विस्फोट मामले में अब तक दो केस दर्ज कराये गये हैं. जिसमें एक केस पुलिस की ओर से दर्ज कराया गया है. इसमें गैस एजेंसी और विवाह भवन संचालक शंकर प्रसाद साह की लापरवाही से गयी लोगों की जाने और लोगों के घायल होने का आरोप लगाया गया था.
वहीं आपूर्ति विभाग द्वारा दर्ज कराये गये दूसरे केस में एलपीजी सिलिंडर के अवैध भंडारण और एलपीजी के कालाबाजारी का आरोप लगाया गया था. उधर नगर निगम और अग्निशमन विभाग द्वारा विवाह भवन संचालक को नोटिस भेजा गया है. इसके बावजूद मामले में पुलिस अब तक फरार आरोपित शंकर प्रसाद साह को गिरफ्तार नहीं कर पायी है.
सोमवार तक पुलिस के हाथ नहीं लगा सीसीटीवी फुटेज
भागलपुर. तातारपुर थाने में दर्ज परबत्ती के शांति विवाह भवन में हुए सिलिंडर विस्फोट के मामले में पुलिसिया तंत्र की ओर से लगातार लापरवाही बरते जाने की बात सामने आ रही है. पुलिस इस मामले में कितनी गंभीर है, इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि एसएसपी द्वारा शनिवार को घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच के निर्देश के बावजूद अनुसंधानकर्ता दूसरे केस को लेकर व्यस्त रहे.
तकरीबन एक सप्ताह बीतने के बाद भी आरोपित शंकर प्रसाद साह फरार है. विस्फोट के बाद मामले में हुई पूछताछ में दो तरह की बातें सामने आयी थी. एक तरफ मामले में शांति विवाह भवन परिसर में बने अवैध एलपीजी सिलिंडर भंडारण स्थल पर चल रहे अवैध रिफिलिंग की वजह से हुए विस्फोट की बात सामने आयी है.